माकपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर बढ़ोतरी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देने की मांग की है।
राजकीय मेडिकल कालेज के निर्माण के दौरान जमीनें देने वाले नुनारी गांव के किसानों ने मेडिकल कालेज में सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग करते हुए शनिवार को ओपीडी में हंगामा काटा। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डा. वीएन त्रिपाठी का घेराव भी किया। करीब आधा घंटे तक किसानों का हंगामा जारी रहा। डीजीएमई किसी तरह से खुद को बचाते हुए वहां से निकल लिए। किसानों ने सोमवार को दोबारा प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मेडिकल कालज में एमसीआई के होने जा रहे संभावित विजिट को लेकर डीजीएमई ने दोपहर को मेडिकल कालेज की स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। इसी दौरान भनक पाकर नुनारी गांव के दो दर्जन से अधिक युवक प्रधान पति जयवीर सिंह यादव व पूर्व फौजी राम प्रकाश यादव के नेतृत्व में मेडिकल कालेज पहुंच गए। ओपीडी में डीजीएमई को सामने पाकर उनका घेराव कर दिया।
इन युवकों की मांग थी कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेडिकल कालेज के निर्माण के दौरान उनसे वायदा किया था कि जमीनों के बदले उन्हें मेडिकल कालेज में नौकरी दी जाएगी, पर ऐसा नहीं हुआ है। कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें आश्वासन देकर टहला दिया जाता है।
शनिवार को भी उन्हें मेडिकल कालेज प्रशासन ने अपने शैक्षिक अभिलेख देने के लिए बुलाया था। काफी इंतजार के बाद भी उनकी सुधि लेने कोई नहीं आया। इस पर डीजीएमई ने युवकों से कहा कि स्थायी नौकरी देने का काम प्रदेश सरकार का है। उनके स्तर से यह समस्या हल नहीं हो सकती। लेकिन, युवक जिद पर अड़े रहे। जमकर नारेबाजी व हंगामा शुरू हो गया। युवकों के उत्तेजित होते ही डीजीएमई किसी तरह से वहां से खिसक लिए। बाद में इन युवकों ने बताया कि सोमवार को सभी दोबारा मेडिकल कालेज आकर प्रदर्शन करेंगे।