फोटो:06: गांव रनवां रूड़ाखेड़ा के बीच सर्वे का पड़ा पत्थर। संवाद
तालग्राम। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए पांच साल पहले क्षेत्र के कई गांवों के पास सर्वे होने के बाद पत्थर भी लगाए गए थे। क्षेत्र से गुजरने वाले कॉरिडोर की चर्चा काफी समय से हो रही थी लेकिन बजट में इसकी घोषणा से उम्मीद बंध गई है कि यह कॉरिडोर तालग्राम क्षेत्र से होकर गुजरेगा।
केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने देशभर में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की बात कही है जिसमें दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर भी शामिल है। सर्वे के समय हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी का अनुमानित रूट मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही बताया गया था। इसे कई चरणों में पूरा किया जाएगा। इसमें 10 से 15 साल लग सकते हैं।
करीब 865 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के लिए पांच साल पहले क्षेत्र में सर्वे कराया गया था। क्षेत्र के तेरारब्बू भवनियापुर के बीच, बिरौली बबूल जंगल माया पुरवा गांव मोड़, केसर नगला, रनवा रूराखेड़ा और बेहटा के समीप नापजोख हुई थी और पत्थर लगाए गए थे। तभी से कहा जा रहा था कि हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए यह प्रक्रिया चल रही है।
बजट में घोषणा होने से लोगों की उम्मीद पूरी होती नजर आ रही है। कॉरिडोर बनने के बाद 350 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकेंगी। इससे दिल्ली से वाराणसी के बीच चार घंटे में सफर किया जा सकेगा। कन्नौज में स्टेशन बनेगा। हालांकि किस गांव के पास बनेगा इसका आधिकारिक तौर पर एलान नहीं हुआ है।