कोतवाली क्षेत्र लिलुइया गांव में शुक्रवार रात कर्ज में डूबे किसान ने पत्नी की साड़ी का फंदा बना पंखे से लटक कर फांसी लगा ली। शनिवार सुबह पत्नी छत से नीचे आई तो घटना की जानकारी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसडीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
लिलुइया गांव निवासी सुधीर कुमार बाथम (45) पुत्र स्व. विशुन दयाल शुक्रवार रात खाना खाने के बाद घर के बाहर चारपाई पर सोया था। उसकी पत्नी रीता देवी व तीन बच्चे छत पर सोने चले गए। सुबह करीब पांच बजे रीता नीचे उतरी तो पति का शव साड़ी के फंदे से कमरे में लटका मिला। रीता के मुताबिक उसके पति के नाम करीब साढ़े तीन बीघे खेत है। उसने छह साल पहले आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की शाखा तिर्वा से किसान क्रेडिट कार्ड से 30 हजार ऋण लिया था।
बेटे के इलाज और आर्थिक तंगी के चलते उसने खेत गिरवी रख दी और खुद मुंबई चला गया। वहां भी काम नहीं मिला तो सप्ताहभर पहले घर लौट आया। दो दिन पहले बैंक गया तो पता चला कि कर्ज अब बढ़कर ब्याज सहित करीब 50 हजार रुपये हो गया है। कर्जमाफी योजना में भी उसका नाम नहीं है। इससे वह दुखी रहने लगा। कर्ज की वजह से उसने फांसी लगा ली। एसडीएम शालिनी प्रभाकर ने बताया कि नायब तहसीलदार व क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तिर्वा कोतवाल आलोक यादव का कहना है कि छानबीन में पति-पत्नी के बीच अनबन और कर्ज दोनों बात सामने आ रही है।