कन्नौज। पुलिस महकमे में मोटी-मोटी फाइलों का जमाना अब गुजरे जमाने की बात होगी। पूरे प्रदेश में कन्नौज पहला जनपद है, जहां शत-प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किया गया है। सुशासन दिवस के अवसर पर जिले के सभी थानों और शाखाओं को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। बुधवार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने ई-ऑफिस प्रणाली का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए यह बात कही।
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने सभी थाना प्रभारियोंं व राजपत्रित अधिकारियों को लैपटाप प्रदान किया। ई-ऑफिस के शत-प्रतिशत सफल कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रधान लिपिक मोहम्मद रईस, उपनिरीक्षक लेखा त्रिपुरेश तिवारी, कंप्यूटर ऑपरेटर सुशील प्रजापति डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सीसीटीएनएस , कंप्यूटर ऑपरेटर सुभाष सक्सेना प्रभारी ई ऑफिस, कांस्टेबल ज्ञानेंद्र ईएमडी ई-ऑफिस को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। एसपी ने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन की शुरूआत है, जिसमें कन्नौज को पूर्णतया कंप्यूटरीकृत जिला होने का गौरव प्राप्त हुआ है। ई ऑफिस पुलिस कार्यालय से लेकर सभी शाखों थानास्तर पर लागू किया है, साथ ही जनपद में अन्य नवाचार जैसे शूटिंग रेंज चिल्ड्रन पार्क व पुलिस कर्मियों और बच्चों के लिए किए गए कार्यों की भी शासन से सराहना की गई है । ई-ऑफिस के लाइव प्रजेंटेशन के दौरान एसपी ने कोतवाली तिर्वा के सुधार कार्य एवं अनुरक्षण के लिए दो लाख रुपये दिये जाने का आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से डिजिटली हस्ताक्षर कर जारी किया। इस दौरान एएसपी अजय कुमार, सीओ सिटी कमलेश कुमार, सीओ तिर्वा डॉ. प्रियंका बाजपेयी, सीओ छिबरामऊ ओमकार नाथ शर्मा, सीओ ट्रैफिक मनोज कुमार सिंह, सीओ प्रशिक्षु कुलवीर सिंह सहित सभी थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।
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समय की होगी बचत, डिजिटली सुरक्षित रहेंगे दस्तावेज
एसपी ने बताया कि ई आफिस में अब तक कुल 1425 फाइलें एवं 2710 रिसिप्ट तैयार की जा चुकी हैं। इस प्रणाली के तहत आने वाले पत्राचार की स्कैनिंग और पंजीकरण के साथ-साथ पत्रावली बनाने, नोटिंग, रेफरेंसिंग, पत्राचार संलग्नकों, अनुमोदनार्थ आलेखों और पत्रावलियों के साथ-साथ प्राप्तियों के संचरण की समस्त कार्यवाही कागजरहित व इलेक्ट्रॉनिक ई-ऑफिस के माध्यम से की जाएगी। ई-ऑफिस प्रक्रिया से न सिर्फ दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की झंझट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि कीमती समय की भी बचत होगी।
उझानी में आलू की फसल। संवाद