उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की बैठक जल निगम निर्माण इकाई के परिसर में हुई। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा वेतन देने के मामले में वादाखिलाफी करने का मुद्दा गूंजता रहा। विचार-विमर्श के बाद सामूहिक रूप से 28 व 29 जनवरी को अवकाश पर रहने का निर्णय लिया गया।
मुख्य अतिथि जल निगम के परियोजना प्रबंधक भीमसेन चाहर ने इंजीनियरों के आंदोलन को हर सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जल निगम के अभियंता भी उनके हक की लड़ाई में साथ चलेंगे। महासंघ के जिलाध्यक्ष आरके सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वादाखिलाफी की है।
इंजीनियरों के साथ वेतन देने में सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसलिए प्रारंभिक वेतन 4800 रुपये ग्रेड पे तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था और केंद्र के समान भत्ता न मिलने तक संघर्ष शुरू कर दिया गया है। महासंघ के जनपद सचिव राममहेश वर्मा, मकरंद सिंह यादव, सुनील आनंद, मुन्नापाल, सुधीर सैनी, बुद्धविलास विश्वकर्मा, दीपक कुशवाहा ने कहा कि जिले भर के इंजीनियर एकजुट हो चुके हैं।
इस बार सरकार को डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांगें मानने के लिए विवश कर दिया जाएगा। इंजीनियर विश्वनाथ दुबे, आकाशदीप, सुनील सचान, राहुल यादव, अंकुर सक्सेना, गुरुचरण सिंह ने कहा कि सामूहिक अवकाश के दिन कोई भी कामकाज नहीं होगा। फरवरी में लखनऊ में होने वाले विधानसभा घेराव में भी शामिल होकर आंदोलन की आवाज बुलंद की जाएगी। बैठक में विनोद यादव, वीरेंद्र प्रताप, राजीव पाल, अशोक, अरुण कुशवाहा मौजूद रहे।