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मेडिकल कालेज की गैलरी में हुआ प्रसव, डाक्टर सस्पेंड

Wed, 10 Aug 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला/कन्नौज
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दिल धड़कता देख परिजन बोले जिंदा है रामदास डॉक्टर बोले ब्रेन डेड है, बचने की उम्मीद नहीं - फोटो : bureau
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राजकीय मेडिकल कालेज की गाइनी वार्ड में प्रसव के लिए भर्ती एक मूक बधिर महिला के पति से प्रसव के लिए सुविधा शुल्क मांगा गया। सुविधा शुल्क न दिए जाने पर उसे जबरन रेफर कर दिया गया। कुछ देर बाद प्रसूता ने वार्ड के सामने गैलरी में ही नवजात को जन्म दिया। इससे हड़कंप मच गया। मामले की शिकायत जिला पंचायत सदस्य ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य व सीएमएस से की। शिकायत पर प्राचार्य ने आरोपी महिला चिकित्सक को निलंबित कर दिया।
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ठठिया थाना क्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी मूक बधिर महिला शबाना (35) को उसके पति नन्हे ने बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कालेज की गाइनी वार्ड में भर्ती कराया। नन्हे का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डा. श्वेता ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए प्रसव के लिए आपरेशन जरूरी बताया। आपरेशन के लिए उससे पांच हजार रुपये की मांग की गई। उसने रुपये देने से इंकार कर दिया। इस पर महिला चिकित्सक ने मरीज को कानपुर ले जाने की बात कहकर रेफर कर दिया।

अस्पताल से बाहर आकर वह मदद के लिए अपने रिश्तेदारों को फोन करने लगा। इसी दौरान उसकी पत्नी को वार्ड से बाहर निकाल दिया गया। गैलरी में ही दोपहर बारह बजे उसकी पत्नी को खुले में प्रसव हुआ। इसी दौरान तिर्वा के जिला पंचायत सदस्य हनीफ को मामले की जानकारी हुई। इस पर वह सीएमएस कार्यालय पहुंचे। यहां मौजूद मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.डीएस मारतोलिया व सीएमएस डा.दिलीप सिंह, सर्जन आईए अंसारी से मामला बताकर शिकायत की। शिकायत पर महिला डाक्टर को कार्यालय बुलाकर पूछताछ की गई।
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प्राचार्य ने महिला डाक्टर को फटकार लगाते हुए निलंबित कर दिया। वहीं आरोपी डाक्टर डा. श्वेता  सिंह का कहना है कि कोई सुविधा शुल्क नहीं मांगा था। प्रसूता की हालत गंभीर थी। जांच में उसका हीमोग्लोबिन महज पांच प्वाइंट था। उसे आपरेशन के लिए तत्काल ब्लड की जरूरत थी। इसके पहले भी प्रसूता की कोई जांच, अल्ट्रासाउंड नहीं कराया गया था। इसी वजह से मरीज को रेफर किया था। वहीं सीएमएस, राजकीय मेडिकल कालेज, तिर्वा डा. दिलीप सिंह का कहना है कि डाक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रसूता को दोबारा वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। यहां प्रसूता का उपचार चल रहा है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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