विकास खंड तालग्राम के माधौनगर में श्री श्री 1008 स्वामी नित्यानंद सेवा समिति के आयोजन में चल रही रासलीला के अंतिम दिन रात बाहर से आए कलाकारों ने धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया। धनुष टूटते ही जय श्री राम के जयकारों से पांडाल में माहौल राम मय हो गया। परशुराम- लक्षमण संवाद सुबह तक चलता रहा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों भीड़ जुटी रही।
गुरुवार देर रात रासलीला में मिथलापुरी के राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शिव धनुष तोड़ने की शर्त पर स्वयंवर का आयोजन किया। धनुष तोड़ने के लिए देश विदेश के महाराजा जुटे। रावण-बाणासुर समेत कई राजाओं का पराक्रम भी शिव के धनुष के सामने डोल गया। कोई राजा शिव के धनुष को उठाना तो दूर हिला तक नहीं सका। मुनि विश्वामित्र की आज्ञा लेकर धनुष उठाने चले श्रीराम ने जैसे ही चाप चढ़ाया तो धनुष टूटते ही चारों ओर हाहाकार मच गया। धनुष टूटने की खबर लगते ही शिव भक्त परशुराम क्रोध से तमतमाते हुए स्वयंवर स्थल पहुंचते हैं। इस दौरान लक्ष्मण का अभिनय कर रहे अरौल कानपुर बिल्हौर के प्रशांत मिश्रा, राम- मनोज दुबे, परशुराम- संजय तिवारी कानपुर के अभिनय को खूब सराह गया। इस मौके पर अमित चतुर्वेदी, आशीष, रामनरेश दुबे, अशोक कुमार, रामकुमार कनौजिया, योगेंद्र भदौरिया, संजय आदि मौजूद रहे। अमोलर चौकी प्रभारी दिलीप कुमार मय पुलिस बल के साथ पूरी रात डटे रहे। मेला कमेटी के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कार्यक्रम का समापन कराया।