निर्माणाधीन मकान के अंदर जाली से शव देखते एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह।
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निर्माणाधीन मकान में खून से लथपथ युवक की लाश मिली। लाश के पास तमंचा और कारतूस के साथ युवक का टूटा मोबाइल मिला। फोरेंसिक टीम के साथ छानबीन के बाद एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने घटना को आत्महत्या बताया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली क्षेत्र के सहनापुर गांव निवासी प्रमोद यादव (35) पुत्र महावीर कस्बे के ककरईया गांव निवासी तोताराम के खेत में मकान बनवा रहा था। उसका छोटा भाई विनोद गांव के ही मकान में रहता है। वह निर्माणाधीन मकान में रह रहा था। दोनों भाई अविवाहित हैं। प्रमोद खुद की वैन चलाता था। बुधवार सुबह वह बुकिंग लेकर गांधीनगर निवासी सत्यम के साथ कानपुर जाने वाला था। सुबह सत्यम प्रमोद के निर्माणाधीन मकान पर पहुंचा तो दरवाजा बंद देखकर आवाज लगाई। जवाब न आने पर जब उसने जंगले से झांककर देखा। प्रमोद को खून से लथपथ देखकर उसके होश उड़ गए। सूचना पर सीओ सुबोध कुमार जायसवाल और कोतवाल टीपी वर्मा पहुंचे। एसपी अमरेंद्र सिंह भी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने पर सिपाही दीवार फांदकर शव के पास पहुंचे। शव के पास एक तमंचा और दो कारतूस मिले हैं। एक कारतूस का खोखा तमंचे में फंसा मिला। शव के पास प्रमोद का टूटा मोबाइल और सिम भी मिली है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि युवक ने सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
फोन पर किसी से बात करने के बाद आत्महत्या की आशंका
शव के पास टूटी सिम और टूटा मोबाइल मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को आत्महत्या बताया है। कोतवाली प्रभारी टीपी वर्मा ने बताया कि युवक किसी से फोन पर बात कर रहा होगा। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति से नाराज होने के बाद उसने गुस्से में सिम तोड़ने के साथ मोबाइल तोड़ दिया। मरने से पहले वह किससे बात कर रहा था, इसकी जांच की जा रही है।
कहां से आया तमंचा और कारतूस
शव के पास तमंचा और कारतूस कहां से आए, यह जानने के लिए पुलिस ने छानबीन शुरू की है। माना जा रहा, कारतूस किसी लाइसेंसधारक व्यक्ति ने उसे दिए होंगे। यह जानने के लिए कोतवाली प्रभारी ने उसके जान-पहचान के लोगों से पूछताछ शुरू की है।