कन्नौज। शहर में इन दिनों कुत्तों का आतंक बढ़ा है। मुख्य शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुत्तों और बंदरों का आतंक है। सुबह छात्र-छात्राओं के स्कूल जाने का समय हो या बाजार से खरीदारी करने जा रही महिलाओं को बंदरों की फौज का डर और कुत्तों का भय हर समय रहता है। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मसले पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में घूमती कुत्तों की टोलियां और छतों पर बेधड़क उछलते-कूदते बंदरों ने आम जनता का चैन छीन लिया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो रोजाना 60 से 70 लोगों को कुत्ते और बंदर घायल कर रहे हैं, जिस कारण लगातार अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी में रोजाना 100 से अधिक लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे हैंं।
........................
केस एक
31 जनवरी को सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रितुकला निवासी जगदीश के छह वर्षीय बेटे लखवीर पर खेत में जंगली कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
केस दो
26 अप्रैल 2023 को सदर कोतवाली के कांशीराम कॉलोनी पुलिस लाइन निवासी ओमकार कुशवाहा के आठ वर्षीय बेटे प्रिंस पर कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी।
केस तीन
दिसंबर महीने में जिला अस्पताल में एक सप्ताह के अंतराल में कुत्तों ने कई डॉक्टरों व कर्मचारियों को काटा था। इसके बावजूद वहां कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब भी वहां कुत्ते और बंदर मंडराते हैं।
इनसेट
जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाने वालों के आंकड़े
माह कुत्ता बंदर
नवंबर : 299 08
दिसंबर : 377 19
जनवरी : 499 26
जिम्मेदारों ने झाड़ रखा है पल्ला
पशुपालन विभाग के पास यह आंकड़ा नहीं है कि जिले में बंदर और कुत्तों की संख्या कितनी है। न ही विभाग के पास इन्हें पकड़कर किसी दूसरे स्थान पर पहुुंचाने का कोई खाका है। सीवीओ डॉ. केवी सिंह बताते हैं कि बंदर या कुत्तों को पकड़ने का काम उनके विभाग के अधिकार में नहीं है। यह नगर पालिका के दायरे में आता है। नगर पालिका की ईओ नीलम चौधरी बताती हैं कि उनके पास भी ऐसा कोई संसाधन नहीं है, जिसके तहत कुत्तों या बंदरों को पकड़ा जाए।
..............
इनसेट
डाॅक्टर की सलाह
सीएमएस डॉ. शक्ति बसु बताते हैं कि कुत्ता या बंदर का काटना एक खतरनाक बीमारी है। कुत्ते के काटने की बीमारी एडीनो वायरस से फैलती है, जो उसके लार में होती है। कुत्ते और बंदर के के काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन अवश्य लगवाएं।