हंस लोक जन कल्याण समिति की ओर से पश्चिमी बाईपास
स्थित कैलाश मार्केट में आयोजित सत्संग में प्रमुख अध्यात्म विचारक मिथिलेश
सिंह ने कहा कि विजय दशमी 10 इंद्रियों पर विजय का, असत्य पर सत्य की विजय
का पर्व है।
कहा कि विजयदशमी अन्याय पर न्याय तथा दुराचार पर सदाचार
की विजय का, दुष्कर्मों पर सत्कर्मों, भोग पर योग पर शिवत्व का पर्व है।
शिव शक्ति का समावेश, सभी जीव आत्माओं में विद्यमान है। संत तुलसीदास जी ने
कहा भी हर-हर महादेव आत्मा के रूप में विराजमान हैं। उन्हीं की आराधना कर
जीव अपना कल्याण कर लेता है।
राधेश्याम ने कहा कि जब तक जीवात्मा मानव चोला
पाकर सद्गुरु की शरण में नहीं जाएगा परमात्मा को नहीं पा सकेगा। रामजीत
सक्सेना ने भजन गाकर शिवशक्ति की महिमा का वर्णन किया। रामसनेही लाल शर्मा
के संचालन में हुए सत्संग में उर्मिल ादेवी उर्फ गुड्डो ने नवरात्र के भजन
गाए। महिपाल सिंह, रामचंद्र, रूपलाल एवं बाबा जिलेदार ने भजन पेश किए।