मंदिर के मुख्य द्वार पर लगे घंटे को बंधवाते अध्यक्ष देवेंद्र चतुर्वेदी।
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कोरोना संक्रमण के चलते 25 मार्च से बंद मंदिरों के कपाट पूरे 76 दिन बाद सोमवार को भक्तों के लिए खुलेंगे। पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की आवक से पहले ही मंदिरों की देखरेख करने वाले पुजारियों व महंतों ने शासन के निर्देशों के अनुसार तैयारियां शुरू कर दी हैं। घंटा बजाने, प्रसाद बांटने व मूर्तियों को स्पर्श करने की मनाही है।
सौरिख रोड स्थित मां कालिका देवी मंदिर में पूजा अर्चना की तैयारियां जोर शोर से शुरू हैं। मां कालिका देवी सेवा समिति के अध्यक्ष देवेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर प्रांगण में पूजा अर्चना के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के अनुसार बैरिकेडिंग करवा दी गई है।
परिसर में लगे घंटों को कपड़ों से ढकवा दिया गया ताकि कोई उन्हें बजा न सके। दरवाजे पर ही सैनिटाइज की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। उन्होंने मंदिर आने वाले भक्तों से अपील कि है कि वे सभी जूते और चप्पल मंदिर के सामने न उतारें। संक्रमण को देखते हुए मूर्तियों को न छुएं और ही न मंदिर में प्रसाद का वितरण करें। मंदिर के पुजारी विजय शुक्ला की देखरेख में सामाजिक दूरी के साथ पूजा अर्चना शुरू करवाई जाएगी।