कन्नौज। छह और सात मार्च को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद किसानों की बची उम्मीदों पर शुक्रवार सुबह बदले मौसम ने पानी फेर दिया। तेज हवा के बाद बारिश और ओलों ने फसलों को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है। आलू, गेहूं, सरसों, मटर, समेत सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है। इन 72 घंटों में बारिश व ओलावृष्टि की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो तापमान में और गिरावट होगी। फिलहाल मौसम बदलने से शुक्रवार को ठंड में इजाफा हुआ। अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से गिरकर 29 से 24 पर आ गया।
मौसम के बिगड़े मिजाज ने लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। शुक्रवार सुबह शुरू हुई बारिश रुक-रुककर देर रात तक जारी रही। सदर ब्लाक समेत जलालाबाद, तालग्राम आदि क्षेत्रों में कुछ देर तक ओले गिरे। इससे ठंड बढ़ गई। बाजारों में शाम को सन्नाटा पसर गया। मौसम का मिजाज बिगड़ेगा, इसकी आशंका पहले से जताई जा रही थी। गुरुवार रात से आसमान में बादल छाने के आसार नजर आने लगे। सुबह घने बादल छा गए। तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि ने सबसे अधिक किसानों को परेशान किया। आसमान में घने बादलों को देखकर लग रहा था कि बारिश नहीं थमेगी। इससे किसानों की धड़कनें तेज हो र्गइं। हालांकि कुछ देर बाद मौसम खुल गया। अधिकतम पारा 26 डिग्री व न्यूनतम 15 डिग्री पर ठहर गया। खेतों में सरसों की फसल के बोझ लगे हैं। खेतों में पानी भरने से सरसाें की फसल नष्ट हो गई है। किसानों को भारी क्षति हुई है। खून-पसीने की कमाई पर पानी फिरते देख किसानों की आंखों में आंसू हैं। गेहूं की फसल में बालियां निकल आई हैं। दाना बनना शुरू हो गया है। फसलों के गिरने से गेहूं का दाना बनने के बजाय सूख जाएगा। ऐसे में गेहूं की पैदावार कम हो जाएगी। मौसम विभाग ने 72 घंटे में तेज बारिश व ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही रहा तो बारिश व ओले से आलू, सरसों, गेहूं, अरहर, चना, तरबूज, टमाटर आदि फसलों में नुकसान होगा।
10 फीसदी तक आलू अभी भी खुदने को
जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार 47,500 हेक्टेयर में आलू की बुआई की गई थी। अधिकतर किसानों ने आलू खोदकर कोल्ड स्टोरेज में पहुंचा दिया है। पूरे जिले में करीब 10 फीसदी से भी कम आलू खुदाई को पड़ा है। अगर तेज बारिश व ओलावृष्टि होती है तो आलू की फसल को काफी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने किसानों को मौसम देख जल्द आलू खुदाई करने की सलाह दी है।
किसानों को सामूहिक क्षतिपूर्ति का मिलेगा लाभ
जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह ने बताया कि छह व सात मार्च को बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को सामूहिक क्षति पहुंची है। क्रॉप कटिंग होने के बाद नुकसान का आक लन करवाया जाएगा। इसी के आधार पर किसानों को मुआवजा मिलेगा। 60 से अधिक किसानों ने टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई है। बीमा कंपनी जांच करने के बाद मुआवजा देगी।
बिजली गिरने से पेड़ फटा, बाल-बाल बचे लोग
मलिकपुर। मलिकपुर समेत आसपास क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह बारिश के साथ ओलों की बौछार आई। इससे फसलों को नुकसान हुआ। रंपुरा में एक पेड़ पर बिजली गिर गई। इससे वह फट गया। गांव के देव सिंह वर्मा, कैलाश वर्मा ने बताया कि इस पेड़ के पास कुछ लोग खड़े थे। बारिश की वजह से वह लोग घर चले गए। अगर खड़े रहते तो बड़ा हादसा हो सकता था। आये दिन मौसम में बदलाव के चलते किसान परेशान हैं। किसान महिपाल सिंह, दिनेश चंद्र, रामनरायन सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजीव कुमार, सोनू यादव, रविराज सिंह, रामवीर कठेरिया, देवेंद्र ठाकुर, रामस्वरूप यादव, जीतपाल सिंह, छेदीलाल, विजय कुमार सुरेश चंद्र ने बताया कि अगर हवाओं के साथ बारिश होती है तो फसलों में अधिक नुकसान होगा। इसका भारी खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ेगा।