तिर्वा। कानपुर के अपर आयुक्त न्यायालय के फैसले के बाद तिर्वा एस्टेट की जमीन को लेकर तहसील प्रशासन उलझन में नजर आ रहा है। न्यायालय ने 67.29 एकड़ भूमि को सीलिंग एक्ट के तहत अतिरिक्त घोषित करते हुए राजस्व अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन को जमीन चिह्नित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि कुल 112.60 एकड़ भूमि में से 17.31 एकड़ को विभिन्न मदों में अलग रखते हुए शेष 67.29 एकड़ भूमि सीलिंग के तहत अतिरिक्त घोषित की है। साथ ही, पारिवारिक बंटवारे, पुत्रों की हिस्सेदारी और बालिग होने के दावों को भी प्रमाण के अभाव में खारिज कर दिया गया। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए संबंधित भूमि को चिह्नित कर राजस्व अभिलेखों में सरकार के नाम दर्ज करना है। तहसीलदार अवनीश सिंह ने बताया कि अभिलेखों के गहन परीक्षण और मौके की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अभिलेखों के मिलान में हो रही दिक्कत
40 गाटा संख्याओं से संबंधित रिपोर्ट पहले ही तहसील प्रशासन द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी थी, जिसमें कुछ गाटा संख्याओं पर आबादी समेत अन्य मौजूद है लेकिन अब मौके पर वास्तविक स्थिति और अभिलेखों के मिलान में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं।