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20 मई तक वर्क टू होम के तहत कार्य करेंगे शिक्षक

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कन्नौज। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के अलावा माध्यमिक विद्यालय भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। शिक्षकों को 20 मई तक वर्क टू होम कार्य करने का आदेश दिया गया है। ये मोबाइल से अभिभावकों को जागरूक करते रहेंगे।
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उधर, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कई बीईओ की ड्यूटी लगी होने से वे भी एहतियात के तौर पर होम आइसोलेट हैं। इस कारण बेसिक शिक्षा विभाग के तमाम कार्य लटके हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में भी ये आदेश प्रभावी रहेंगे।
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकतर परिवारों के बच्चे सामान्य परिवार से हैं। उनके घर में एक मोबाइल एंड्राइड होना मुश्किल है। ऐसे में शिक्षकों के सामने समस्या यह है कि वे छात्रों को कैसे पढ़ाएं। हालांकि शिक्षकों ने प्रयास करके तमाम छात्रों को पढ़ाना भी शुरू कर दिया है।
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अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जसपुरापुर की प्रधानाध्यापक रेनू कमल और आसकरनपुर्वा अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की प्रधानाध्यापक सरिता गौतम ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। हालांकि काफी कम बच्चे ऑनलाइन जुड़े हैं। गांवों के अधिकतर छात्रों के अभिभावक मोबाइल लेकर खेत पर चले जाते हैं। उनके पास दूसरा मोबाइल नहीं है। इस कारण बीच का रास्ता निकाला गया है। सभी को ग्रुप में जोड़ा गया है। उनको होमवर्क भेज दिया जाता है। बाद में छात्र होमवर्क कर उसकी फोटो भेज देते हैं।
इसके बाद उनको आगे का होमवर्क दिया जाता है। कहा कि परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन थोड़ा मुश्किल है। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय आसकरनपुर्वा की प्रधानाध्यापक सरिता गौतम ने कहा कि विभाग ने वर्क टू होम के निर्देश दिए हैं। इस अवधि में शिक्षकों को छूटे हुए विभागीय कार्यों को पूरा करना है। छात्रों की शैक्षिक गुणवत्ता और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसको ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है।
ऑनलाइन पढ़ने वाले बच्चों की संख्या काफी सीमित है। अधिकतर बच्चों को होमवर्क मोबाइल के जरिये भेज दिया जाता है। बीएसए केके ओझा ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इस कारण शासन ने वर्क टू होम के निर्देश दिए हैं। कहा कि जो शिक्षक पूरी तरह स्वस्थ हैं, वह ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करते रहें, ताकि छात्र शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़े रहें।
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