बेसिक शिक्षा विभाग ने मंगलवार को एक निजी गेस्ट हाउस में सेवानिवृत्त टीचरों का विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में 102 टीचरों एवं एक कर्मचारी को माला व उत्तरी पहनाकर सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त होने वाले सभी टीचरों को जीपीएफ की चेक भी प्रदान की गई।
विदाई समारोह की शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर कानूनगोयान के छात्रा खुशबू सिंह, मिनी यादव, माधवी लता झा, ऋचा शुक्ला ने स्वागत गीत गाकर की। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता। सेवानिवृत्त होने के बाद भी उसकी जिम्मेदारी समाज के प्रति निरंतर बनी रहती है। आज रिटायर होने वाले शिक्षकों को भी चाहिए कि वह अपने अनुभवों का लाभ छात्रों, अभिभावकों व समाज को देते रहें।
जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता दोहरे ने कहा कि गुरु समाज का निर्माता होता है। इसलिए उसकी जिम्मेदारी सबसे अधिक है। छात्र के ऊंचे ओहदे पर पहुंचने पर अभिभावक से अधिक खुशी गुरुजनों को होती है। जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा ने कहा कि समाज में फैली तमाम कुरीतियों को रोकने का कार्य गुरु करता है। समाज के उत्थान में उसकी अहम भूमिका है। पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने कहा कि गुरु कुम्भकार की तरह होता है।
कच्चे घड़े की तरह छात्र को तराशने का काम करता है। अधिकारियों ने रिटायर होने वाले नरेश चंद्र सैनी, शांति देवी, राजकुमारी, जयपाल, मुकुट सिंह, महेश कुमार, लालमन वर्मा, राजकुमार, कुसुम मिश्रा, फरहत जहां सिद्दीकी, रमेश चंद्र शर्मा, अर्जुन सिंह कटियार, सतीश कुमार गंधे, सुधारानी, रमेश चंद्र त्रिवेदी, मुन्नालाल तिवारी की दुर्घायु होने की कामना की।
बीएसए रामकरन यादव ने कहा कि रिटायर होने वाले सभी शिक्षकों के देयकों का भुगतान कर दिया गया है। इसके अलावा पेंशन के लिए उनकी पत्रावलियों को भी भेज दिया गया है। इस मौके पर आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव कुमार सक्सेना, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय नरायन यादव, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अमर सिंह राठौर, प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सुशील यादव, शैक्षिक महासंघ जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह बघेल, सौरभ यादव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण रमाकांत अवस्थी सहित अन्य मौजूद रहे।