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Kannauj News: औरैया के बीईओ को पकड़वाने में शिक्षक निलंबित

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कन्नौज। पहले कन्नौज के बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू को पकड़वाने में तीन शिक्षक की भूमिका सामने आने पर उनका निलंबन हुआ। अब औरैया के बिधूना में तैनात बीईओ को एंटी करप्शन टीम के हाथों पकड़वाने में कन्नौज के शिक्षक की भूमिका सामने आने पर उसे भी निलंबित कर दिया गया है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।
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कन्नौज में पिछले 29 फरवरी को एंटी करप्शन टीम ने बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू विमल पांडेय को एक शिक्षक से एरियर के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ने का दावा किया था। अगले दिन पहली मार्च को एंटी करप्शन टीम ने औरैया के बिधूना ब्लॉक के बीईओ पुष्पेंद्र जैन को एंटी करप्शन टीम ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। इस प्रकरण के बाद जांच के दौरान कन्नौज के सदर ब्लॉक क्षेत्र के टिड़ियापुर प्राइमरी स्कूल में तैनात शिक्षक पंकज भदौरिया की भूमिका सामने आई थी। इसी मामले में औरैया बीएसए ने महानिदेशक स्कूल को संबंधित सुबूत दिखाकर जांच की मांग की थी। उसी आधार पर यहां बीएसए उपासरना रानी वर्मा को जांच का आदेश मिला। बीएसए ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर जांच शुरू करवाई। जांच टीम में शामिल जलालाबाद, कन्नौज और हसेरन के बीईओ ने पूरी पड़ताल करने के बाद रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। रिपोर्ट में बताया कि गया है कि पंकज भदौरिया पहली मार्च को आकस्मिक अवकाश पर थे। बिना सूचना के कार्यक्षेत्र से बाहर गए। औरैया बीएसए की ओर से उपलब्ध कराए गए फुटेज में मौजूद मिले थे। इसी रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने पंकज भदौरिया को निलंबित करते हुए सौरिख ब्लॉक के न्यामतपुर प्राइमरी स्कूल से संबंद्ध कर दिया है।

बीएसए उपासना रानी वर्मा की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि खुद को एक अमान्य संगठन का जिलाध्यक्ष बताकर विभागीय कर्मचारी और अधिकारियों पर दबाव बनाने वाले पंकज भदौरिया के खिलाफ पहले भी कई विभागीय कार्रवाई हो चुकी है। इसके पहले उन्हें 16 मई 2019 को निलंबित किया जा चुका है। 30 अक्तूबर 2019 को वेतन वृद्धि रोके जाने का आदेश हो चुका है। उसके पहले सरकारी धन के गबन का आरोप लग चुका है। 16 मई 2019 को स्कूल में गाली-गलौज करने का भी मामला सामने आया था। बीएसए ने बताया कि विभाग के अधिकारी की जानकारी के बिना मीडिया के सामने आकर बयानबाजी किया जाना भी गलत था। बीएसए ने बताया कि एक साजिश के तहत बीईओ के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर एंटी करप्शन टीम की मदद से सुनियोजित तरीके से घटा को अंजाम दिया गया। निलंबन के बाद इस प्रकरण की जांच के लिए तालग्राम, सौरिख और उमर्दा के बीईओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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