तिर्वा। मवेशियों को अन्ना छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान के लिए जिला प्रशासन सभी पशुओं की टैगिंग करा रहा है। 15 दिन में पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने करीब 3200 मवेशियों की टैगिंग कर उनकी पहचान कर ली है। इन पशुओं को यदि खुला छोड़ा जाता है तो पशु मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़कों से लेकर खेतों तक अन्ना मवेशी बड़ी परेशानी बने हैं। इन अन्ना पशुओं की पहचान के लिए जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने पिछले दिनों पशु चिकित्साधिकारियों को टैगिंग कराने के आदेश दिए थे। 25 फरवरी से पशुओं की टैगिंग शुरू हुई और अभी तक 3200 की पूरी की जा चुकी है। टैगिंग के बाद अगर कोई पशु अन्ना मिलता है तो उसकी आसानी से पहचान होगी और पशु मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
डिप्टी सीवीओ डा. संजय शाल्या ने बताया कि जो पशुपालक अभी तक दूध न देने वाले पशुओं को अन्ना छोड़ देते थे उनकी अब पहचान करना आसान हो गया है। डीएम के आदेश पर प्रत्येक पशु की पहचान रखने के लिए विभाग ने अभियान चला रखा है। सभी पशुओं की टैगिंग की जा रही है। 15 दिनो से घर-घर जाकर टैगिंग की जा रही है।