कन्नौज दंगे के मामले में जेल में बंद भाजपा नेता सुब्रत पाठक को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है। इसकी जानकारी मिलते ही जिले के भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि गैंगेस्टर एक्ट की सुनवाई चलने के कारण अभी उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा।
अधिवक्ता एवं भाजता नेता तरुण चंद्रा ने बताया कि लोकसभा चुनाव में सुब्रत पाठक ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था। जुलाई माह में शहर में हुए दंगे के दौरान बगिया फजल इमाम में अकील की मौत हो गई। इस मामले में सुब्रत पाठक के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। इस केस की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही थी। गुरुवार को हाईकोर्ट ने सुब्रत पाठक की जमानत मंजूर कर दी। लेकिन अभी गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमे में ही जमानत होना बाकी है। इस वजह से वह जेल में ही रहेंगे।