पिछड़ा वर्ग व विकलांग कल्याण के कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी ने छात्रों को वजीफे से वंचित रखने वाले करीब 60 स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए है। उन्होंने सीडीओ को मामले की रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी सौंपी। शनिवार को सैफई महोत्सव में शामिल होने के लिए जा कैबिनेट मंत्री कुछ देर के लिए कन्नौज में रुके और पत्रकारों से रूबरू हुए।
जिले के 29 विद्यालयों ने पूर्व दशम के दो हजार छात्रों की ओर से आवेदन करने के बाद उनको आगे अग्रसारित नहीं किया। उधर 32 विद्यालयों ने छात्रों से वजीफे के लिए आवेदन ही नहीं कराए। इन दोनों मामलों को अमर उजाला ने दो दिनों तक प्रमुखता से उठाया।
सैफई महोत्सव में शामिल होने के लिए पर्यटक आवास गृह में रुके कैबिनेट मंत्री से जब इस मामले पर सवाल दागा गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया जाएगा। जिन विद्यालयों ने इस तरह की लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव को मामले में दोषी विद्यालयों की सूची बनाकर उनको अलग से भेजने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विद्यालयों के छात्र छूट गए हैं, उनका कहीं से भी अहित नहीं होने दिया जाएगा। शासन स्तर पर वार्ता करके उन छात्रों को शामिल कराकर उनको वजीफे की धनराशि दिलाई जाएगी।
स्कूलों से माफियागीरी का हुआ खात्मा
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति और शुल्कप्रतिपूर्ति में बड़े पैमाने पर माफियागीरी चल रही थी। इसे सरकार ने काफी हद तक कंट्रोल कर लिया है। इसी के चलते छात्रवृत्ति योजना का आन-लाइन कर दिया गया है। पहले एक छात्र कई स्थानों से आवेदन कर देते थे।
अब इस तरह की सभी व्यवस्थाओं को खत्म करके छात्रों के खाते में धनराशि हस्तानांतरित की जा रही है। कहा कि छात्रवृत्ति योजना में केंद्र सरकार का भी अंश होता है, लेकिन केंद्र 250 करोड़ के स्थान पर महज 12 करोड़ दे रही है। उन्होंने कहा कि विकलांग कल्याण विभाग को अब विकलांग जन विभाग कर दिया गया है।
विकलांगों को भी विकास का भागीदार बनाए जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। आगे कई अच्छी योजनाएं विकलांगों के लिए लाई जाएंगी। शादी-बीमारी अनुदान धनराशि योजना बंद किए जाने व अल्पसंख्यक विभाग में शादी-अनुदान का बजट आवंटित न होने पर मंत्री ने गोलमाल जवाब दिया। कहा कि सरकार योजना को बंद नहीं किया गया। किन्हीं कारणों से इस योजना में बजट आवंटन नहीं हो सका।