मंगलवार की दोपहर एक बजे के करीब मौसम ने अचानक करवट
बदली। तेज धूप के स्थान पर बदली छाने लगी। दोपहर डेढ़ बजे के करीब आसमान
में घने काले बादल मंडराए और कुछ देर बाद ही तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू
हो गई। कहीं-कहीं ओले भी गिरे, तिर्वा क्षेत्र में कई स्थानों पर ओलों की
बौछार आई।
सर्दी के मौसम में हुई बारिश व तेज हवाओं ने ठंड बढ़ा दी। उधर,
बारिश व ओलों के कारण आलू, गेहूं व सरसों की फसल को भी आंशिक नुकसान पहुंचा
है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मंगलवार की दोपहर सही साबित हुआ। दिसंबर
माह की शुरुआत का आगाज बारिश से हुआ। दोपहर को करीब एक घंटे बारिश व तेज
हवाएं चलीं।
इसके बाद देर शाम तक बूंदाबांदी के साथ बादलों की गड़गड़ाहट
जारी रही। वहीं रोड पर चल रहे वाहनों को दोपहर के वक्त लाइट जलाकर चलने पर
विवश होना पड़ा। आसमानों में घिरे काले बादलों से अंधेरा छा गया था। इसके
अलावा स्कूलों में उसी वक्त लगभग सभी स्थानों पर छुट्टी भी हुई।
इस कारण घर
जाने वाले छात्र-छात्राओं को बारिश से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम
तक चली तेज हवाओं के कारण नागरिकों ने अपने ऊनी वस्त्रों को निकाल लिया।
तिर्वा व आसपास कस्बों में भी तेज बारिश का दौर रहा। कस्बे के करीब दो किमी
परिधि में भारी बारिश के साथ जमकर ओले भी गिरे।
बारिश से सड़कों पर
जलभराव की नौबत आ गई। अमोलर, तालग्राम, बरगांवा, सुजानसराय क्षेत्र में भी
बारिश हुई और ओले गिरे। कई जगह टीनशेड आंधी से उड़ गए। कई घरों के छप्पर
उड़कर गायब हो गए। वहीं तीन लोग दबकर घायल हो गए, जबकि कई लोग बाल-बाल बच
गए। बिजली आपूर्ति भी कई स्थानों पर तारों के टूटने के कारण बाधित हो गई।
इसके अलावा त्योर, सुजानसराय, अमोलर व आसपास के सैकड़ों गांवों में जमकर
तबाही मचाई। कई पेड़ धराशाई हो गए। तालग्राम ताहपुर मार्ग पर पेड़ गिरने के
कारण कई घंटे तक जाम लगा रहा। पेड़ काटकर अलग किया गया तब लोग आ-जा सके।
उहिदापुर गांव के पास सीहपुर निवासी रामवीर पाल की दुकान पर लगी टीनशेड
गिरने से सर्वेश कुमार, राधेश्याम वर्मा और सीहपुर निवासी सियाराम पाल घायल
हो गए।