राजकीय मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग में कार्यरत एक सीनियर डाक्टर व स्टाफ नर्स के बीच सोमवार रात गाली-गलौज का मामला गर्मा गया है। मंगलवार की सुबह शिकायत की बात कहने पर डाक्टर नर्स से हाथापाई पर उतर आया। मामले की शिकायत नर्स ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य से की है। मामले की जांच के लिए प्राचार्य ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।
मेडिकल कालेज में कार्यरत स्टाफ नर्स गीता यादव ने प्राचार्य को दिए शिकायती पत्र में हवाला दिया है कि सोमवार की रात 10 बजे वह बाल रोग विभाग में कर्मचारियों की हाजिरी लेने गई थी। उस दौरान बाल रोग विभाग के सीनियर डाक्टर उमेश चंद्र गुप्ता एक नवजात बच्चे का इलाज कर रहे थे।
उन्होंने उससे बैंडेज देने को कहा। जब उसने बताया कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स बैंडेज को कहीं रखकर चली गई है, थोड़ी देर में आ रही होगी। तो इस पर डाक्टर भड़क गए। आरोप है कि डाक्टर ने उसे गालियां दीं। सुबह जब वह फिर वार्ड में गई, तो उसने डाक्टर की शिकायत करने को कहा। इस पर डाक्टर उसे मारने को दौड़ा।
वहां मौजूद दूसरे डाक्टर मारकंडेय व अन्य स्टाफ नर्स ने बीचबचाव किया। स्टाफ नर्स के साथ की गई गाली-गलौज को लेकर मंगलवार को सभी स्टाफ नर्सों में रोष फैल गया। स्टाफ नर्सों के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्राचार्य से मिलकर मामले की शिकायत की।
प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने स्टाफ नर्स की शिकायत पर सीएमएस डा. दिलीप सिंह की अध्यक्षता में डा. आईए अंसारी व डा. रीना संत की तीन सदस्यीय समिति का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्राचार्य का कहना है कि जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, आरोपी डाक्टर उमेश गुप्ता का कहना है कि गाइनी वार्ड में भर्ती मोहिनी देवी पत्नी धर्मवीर निवासी अड्डापुर्वा थाना ठठिया की सोमवार की रात 9:30 पर डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद नवजात शिशु के मुंह में निकोनियम भर गया था। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी।
वह उसका उपचार कर रहे थे। स्टाफ नर्स से उन्होंने बैंडेज मांगा था, बैंडेज न देने पर स्टाफ नर्स को डांटा था। गाली-गलौज का आरोप निराधार है। उन्होंने बताया कि लगातार चार घंटे के उपचार के बाद नवजात शिशु की हालत में सुधार हुआ था। उसे मंगलवार की सुबह आईसीयू में भर्ती किया गया है।