तिर्वा(कन्नौज)। स्टाफ नर्स की आत्महत्या के मामले में पति ने अलग शंका जाहिर कर मामले को नया रूप दे दिया है। आरोप लगाया कि पत्नी इमरजेंसी ड्यूटी से परेशान रहती थीं। इसी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद पति शव को अंतिम संस्कार के लिए लखनऊ ले गए। स्टाफ नर्स ने सुसाइड नोट में पुलिस से अंतिम संस्कार कराने का अनुरोध किया था।
राजकीय मेडिकल कालेज में तैनात स्टाफ नर्स रंजना रसल पत्नी स्तुति रसल कालेज के हॉस्टल के कमरा नंबर नौ में रहती थीं। 17 मई को इमरजेंसी में ड्यूटी के बाद कर्मचारियों से संपर्क नहीं हुआ। 21 मई को शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी की पुष्टि हुई है। शनिवार को यहां पहुंचे स्टाफ नर्स के पति स्तुति रसल ने बताया कि वह लखनऊ में बीमा एजेंट हैं। दस साल का बेटा अर्श और चार साल की बेटी अंशिता है। वह बच्चों की पढ़ाई के लिए लखनऊ में रहते हैं।
रंजना रसल मेडिकल कालेज में स्टाफ नर्स थीं। वह बीमार रहती थीं। दौरे की समस्या थी। लखनऊ से इलाज चल रहा था। उन्होंने कई बार इमरजेंसी ड्यूटी करने से मना किया। उनकी ड्यूटी वहीं लगी रहती थी। कोविड संक्रमित मरीजों को देखते हुए वह काफी परेशान थीं। स्टाफ नर्स के पति ने आशंका जाहिर की है कि इमरजेंसी व आइसोलेशन में ड्यूटी से परेशान होकर पत्नी ने खुदकुशी की है। पति ने बताया कि वह क्रिश्चियन हैं। पत्नी का अंतिम संस्कार लखनऊ में करेंगे। पुलिस ने कागजी लिखापढ़ी के बाद शव सुपुर्द कर दिया। सीओ दीपक दुबे का कहना है कि किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं की है। मेडिकल कालेज के लोगों व स्टाफ नर्स के पति से बातचीत के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए दिया गया है।