नगर से करीब पांच किमी दूर विशुनगढ़ रोड स्थित प्राइमरी विद्यालय कुंवरपुर बनवारी आज जनपद में माडल विद्यालय का रूप ले चुका है। इसके चलते यह परिषदीय विद्यालयों के लिए एक नजीर बना हुआ है। इसका श्रेय जाता है वहां की प्रधानाध्यापिका सुमनलता को। उनके इस काम के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। हाल ही उन्हें रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए कानपुर मंडल से एक मात्र शिक्षिका का रूप में चयनित किया गया है।
प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी की प्रधानाध्यापिका सुमनलता यादव विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रही हैं। उसी का परिणाम है कि उन्हें जनपद की आदर्श शिक्षिका का दर्जा प्राप्त हुआ है। उनके प्राथमिक विद्यालय की दशा और दृश्य देखकर अधिकारी भी उनकी मेहनत का लोहा मानते है। इस वर्ष फरवरी में सुमनलता का नाम रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए शासन को भेजा गया है।
यह पुरस्कार उन्हें दबंगों के गांव में न केवल स्कूल का सफल संचालन करने बल्कि आदर्श स्कूल की स्थापना के लिए दिया जा रहा है। गत वर्ष नौ नवंबर को इलाहाबाद में आयोजित एक समारोह में उन्हें लोकमणि लाल पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। इस बार उप्र से जनपद कन्नौज की छिबरामऊ नगर से प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी की प्रधानाध्यापिका सुमनलता यादव को समिति ने चयनित किया था।
नौ नवंबर को गंगा गुरूकुलम गढ़ोपुर फाफामऊ इलाहाबाद में आयोजित सम्मान समारोह में समिति ने उन्हें प्रशस्तिपत्र, प्रमाणपत्र और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया था।
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