ग्राम सभा उमर्दा में चार करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च
होने के बावजूद जनता को शुद्ध पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने यहां पानी की टंकी तो बनवा दी, पर घर-घर टोटियों के जरिए
पानी पहुंचाने में देरी की जा रही है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त
है।
उन्होंने डीएम से जांच कराकर पेयजल आपूर्ति पूरी क्षमता से कराने की
मांग की है। ग्रामीण जितेंद्र यादव, लाली यादव, अच्छेलाल यादव, प्रमोद
यादव, ईशाक खां का कहना है कि उमर्दा ग्रामीण पाइप पेयजल योजना अनदेखी का
शिकार है। अभी तक पाइप लाइन भी पूरी तरह से नहीं बिछा जा सकी है।
अधिकारी
कागजी घोड़े दौड़ाकर शासन को गुमराह कर रहे हैं। यदि बड़े अफसर मौके पर आकर
छानबीन करें तो लापरवाही की पोल अपने आप खुल जाएगी। बघेलेपुरवा गांव के
सामने सैयदबाबा की मजार होते हुए उमर्दा कसबे तक सीमेंटेड रोड बनी थी, जिसे
खोदकर पाइप लाइन डाल दी गई।
इसके सड़क का दोबारा मरम्मत या निर्माण
नहीं कराया गया। इस कारण खुदे हिस्से में गंदा पानी भर रहा है। गड्ढेदार
रास्ते पर जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीण गणेश
दीक्षित, मनमोहन सिंह यादव, सर्वेश बाथम, रंजीत यादव, नीलू राठौर, रामाधार
दीक्षित ने बताया कि खरगपुर, चटरूआपुर, बघेलेपुरवा, कुंवरपुर, गसीमपुर में
पाइप लाइन डालने का काम शुरू ही नहीं हो सका है।