निर्माण की तय समय सीमा के दो साल बाद भी लोहिया पथ अधूरा पड़ा है। पांच जनपदों को जोड़ने वाले लोहिया पथ पर 80 करोड़ रुपया खर्च होने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सफेदपोश नेताओं की खींचतान के कारण समय रहते टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण अब आचार संहिता का ब्रेक लग गया है।
इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर व कानपुर देहात जिले को जोड़ने वाले लोहिया पथ की कुल लबाई 92 किमी है। इसमें से ठठिया से मकनपुर तक करीब आठ किमी हिस्सा जर्जर है। कई जगह पर तो डामर व गिट्टी गायब हो चुकी है। पहले यह रोड सौरिख से मकनपुर जिला मार्ग घोषित था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे कर्री पुलिया सैफई से मकनपुर दरगाह तक जोड़ने का आदेश दिया और लोहिया पथ नाम दिया। इसे चौड़ा व मजबूत बनाने के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट त्वरित आर्थिक विकास योजना में दिया गया। करीब 84 किमी रोड बन चुका है, लेकिन ठठिया से मकनपुर तक का सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भाग अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीण योगेश कनौजिया, विजय द्विवेदी ने कई बार प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
मजबूरन यात्रियों को दूसरे रास्तों से लेकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। डा. रामाधार कनौजिया, संजीव दोहरे, अनूप तिवारी, बउआ ठाकुर का कहना है कि यदि ठठिया ने मकनपुर तक रोड बन जाए तो लोहिया पथ बाईपास का काम करेगा। इसे बिल्हौर व कन्नौज के बीच जीटी रोड हाइवे का यातायात भार कम होगा और जाम की समस्या कम होगी।
ठठिया से जुडे़ गांव
ठठिया, पुरानी ठठिया, बल्लपुरवा, मधईपुरवा, महसैंया, रिक्खापुरवा, होलेपुर, चौहाननपुरवा, इनायतपुर, कृपालपुरवा, करौंदाशाहनगर, भदौसी, पलिया समेत आधा सैकड़ा गांव लाभांवित होंगे।
टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसलिए अक्तूबर में रोड का निर्माण शुरू नहीं हो सकेगा क्योंकि चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। तब कहीं जाकर सड़क बनना शुरू हो सकेगा।
- अंबिका सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।