गौरैया संरक्षण कार्यक्रम के तहत कस्तूरबा गांधी
आवासीय विद्यालय में गुरुवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस मौके पर वन विभाग के अधिकारियों ने विलुप्त होती गौरैया पक्षी को
संरक्षण देने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
यही नहीं उन्होंने
घोंसले वितरित कर गौरैया को संरक्षण देने की विधि भी बताई। जागरूकता
कार्यक्रम के तहत प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने छात्राओं को बताया कि
धीरे-धीरे गौरैया विलुप्त होती जा रही है। अब उनके संरक्षण का स्थान नहीं
बचा है।
कहा कि यह पक्षी हमारे सामाजिक सरोकार व घरेलू माहौल में हमारे लोक
गीतों, प्रथाओं, सामाजिक रीतिरिवाजों में अभिन्न रूप से शामिल है। गौरैया
के संरक्षण में कमी होना पर्यावरण के क्षरण का संकेत है। इसका प्रभाव हमारे
अस्तित्व पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने गौरैया पक्षी को आकर्षित करने के
तौरतरीके छात्राओं को बताए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के स्टाफ के
वार्डन मनीषा सिंह, सुनील भदौरिया, मोनिका, विकास दीक्षित, शशि चौरसिया,
सुमित, कन्हैयालाल के अलावा वन विभाग के दरोगा महादेव, वन संरक्षक राकेश
बाबू दीक्षित, वनकर्मी मनोज दीक्षित व 80 छात्राएं मौजूद रहीं।