ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन पत्र बिक्री के
दूसरे दिन सपा प्रत्याशी संध्या यादव ने चार सेट नामांकन पत्र खरीदे। वहीं
बसपा प्रत्याशी तीन बार ब्लाक कार्यालय पर पहुंचने के बाद भी नामांकन पत्र
नहीं खरीद सके। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे बसपा के जिला स्तरीय
पदाधिकारियों ने शुक्रवार को नामांकन पत्र खरीदने की बात कही।
इस दौरान
गहमागहमी का माहौल रहा। सपा और बसपा नेताओं ने एक-दूसरे पर कई आरोप
लगाए। ज्ञात हो कि तालग्राम में प्रमुख पद पिछड़ी जाति महिला के लिए
आरक्षित है। सपा ने पूर्व ब्लाक प्रमुख गजेंद्र सिंह यादव की पत्नी संध्या
यादव को प्रत्याशी घोषित किया है।
वहीं बसपा की ओर से लक्ष्मी देवी अपने
पुत्र आकाश शाक्य के साथ दोपहर 12 बजे ब्लाक मुख्यालय पहुंचीं। लिपिक अशोक
कुमार से नामांकन पत्र देने की बात कही। बसपा प्रत्याशी द्वारा दिए गए
प्रमाणपत्र की छाया प्रति स्पष्ट न होने व मूल प्रति मौके पर न होने पर
नामांकन पर्चा नहीं दिया गया।
जब वह मूल प्रति लेकर पहुंची तो बताया गया कि
प्रस्तावक व अनुमोदक भी साथ में लाएं। इस पर उन्होंने आरओ से दूरभाष पर
वार्ता की। तीसरी बार फिर बसपा प्रत्याशी ब्लाक पहुंची, पर तब तक नामांकन
पत्र बिक्री की समय सीमा बीत चुकी थी।
साढ़े तीन बजे बसपा जिलाध्यक्ष
राम सिंह गौतम, कोआर्डिनेटर संजीव दोहरे, सुघर सिंह पाल, बाबा रामचंद्र
मौके पर पहुंचे और शुक्रवार को नामांकन खरीदने का निर्णय लिया। शिकायत पर
एसपी ने गुरसहायगंज कोतवाल संतोष व्यास, तालग्राम एसओ अनवर अहमद को ब्लाक
परिसर में भेजा।
पुलिस ने सुरक्षा का जायजा लिया। पुलिस के समक्ष बसपाइयों
ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपों की झड़ी लगा दी। बसपा जिलाध्यक्ष ने कहा
कि ब्लाककर्मी सपा सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। जानबूझकर बसपा
प्रत्याशी को नामांकन पत्र नहीं दिया गया।
उधर, ब्लाक में मौजूद पूर्व
ब्लाक प्रमुख के भाई सपा नेता शैलेंद्र सिंह यादव ने कहा कि बसपाई झूठे
आरोप लगा रहे हैं। उनके पास न तो प्रस्तावक हैं और न ही अनुमोदक। वह
नामांकन के नाम पर केवल नेतागिरी चमकाकर सपा को बदनाम कर रहे हैं।