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सोलर पंप लगाकर कृषि लागत घटाएं किसान

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कन्नौज। प्रदेश सरकार किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्साहन दे रही है। इसके लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों की खरीद पर भी सरकार की ओर से अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। उप कृषि निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि किसान सोलर सिंचाई पंप लगवा कर कृषि की लागत घटा सकते हैं। अभी विभाग के पास 36 सोलर पंप मौजूद हैं। किसान पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर इन्हें लगवा सकते हैं।
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उप कृषि निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि पंजीकृत किसान सोलर पंप लगवाने के लिए बैंक ड्राफ्ट, आधारकार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक, बोरिंग प्रमाण पत्र की प्रति के साथ अपना आवेदन उप कृषि निदेशक कार्यालय, कृषि भवन में जमा कर सकते हैं। दो एचपी सरफेस पंप के लिए चार इंच व्यास की निजी बोरिंग जरूरी है। यह पंप 25 फीट की गहराई से पानी उठा सकता है। तीन एचपी पंप के लिए छह इंच व्यास की निजी बोरिंग होनी चाहिए। यह पंप 25 से 100 फीट गहराई से पानी उठा सकता है। पांच एचपी पंप के लिए छह इंच की बोरिंग होनी चाहिए। यह पंप 100 से 200 फीट गहराई से पानी ले सकता है। जहां भूभर्ग जल कम गहराई में है, वहां किसान दो हार्स पावर का पंप लगवाकर लाभ ले सकते हैं। सरकार किसानाें को सोलर पंप लगवाने पर 70 फीसदी तक अनुदान दे रही है।
सोलर पंप के लिए यहां करें संपर्क
सोलर पंप के लिए किसानों को राजकीय बीज भंडार के प्रभारी, ब्लाक स्तर पर सहायक विकास अधिकारी व उप कृषि निदेशक के कार्यालय पर संपर्क करना होगा। इसके लिए कृषि विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करा लें।
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एक एकड़ में बचेगा तीन रुपये का डीजल
सोलर पंप लगवाकर किसान फसल की लागत कम कर सकते हैं। एक एकड़ खेती की सिंचाई करने में करीब 5 से 6 घंटे ट्यूबवेल चलाना पड़ता है। इसमें तकरीबन पांच लीटर डीजल की खपत होती है। यानी करीब 350 रुपयों का अतिरिक्त खर्चा होता है। सोलर पंप इस खर्चे को बचा सकता है। इसके अलावा पर्यावरण को नुकसान नहीं होता है।
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