पश्चिमी मड़ैया गांव में गिरी कच्चे मकान की छत।
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रुक-रुक कर हो रही बारिश से कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में कच्चे मकान गिरने से लोगों की छह की गृहस्थितयां दब गईं। सुल्तानपुर गांव में कच्चे कमरे की छत गिरने से दो बकरियां मर गईं और गृहस्थी का सारा सामान दब गया। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल ने मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया।
बुधवार को क्षेत्र के ग्राम पश्चिमी मड़ैया में दोपहर को रामबहादुर शर्मा की कच्ची छत अचानक भरभरा कर ढह गई, जिससे गृहस्थी का सारा सामान दब गया। उस समय परिजन बाहर थे, इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। इसी गांव के अनिल शर्मा की कच्ची छत भी नीचे आ गिरी, जिससे उसमें रखा अनाज, बिस्तर सहित काफी सामान दब गया। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर गृहस्थी का कुछ सामान बाहर निकाला।
इसी तरह ग्राम चमन नगरिया में सरोजनी देवी पत्नी सुखवासीलाल के कच्चे मकान की छत भरभराकर ढह गई। इसमें लगभग 30 क्विंटल लहसुन सहित गृहस्थी का सारा सामान दब गया। बारिश से बचने के लिए सरोजनी देवी ने कमरे के ऊपर तिरपाल डाल दी। ग्राम सुल्तानपुर कसावा में रामस्वरूप के मकान की छत और दीवार ढह गई, जिससे सारा सामान दब गया और दीवार के पास ही बंधी दो बकरियां भी मर गईं।
इसी गांव के जबरन सिंह और विमल कुमार की कच्ची छत भी गिर गई, जिससे गृहस्थी का सारा सामान दब गया। अब यह परिवार तिरपाल तानकर रहने को विवश है। ग्रामीणों ने घरगिरी की सूचना उपजिलाधिकारी मंशाराम वर्मा को दी, जिस पर क्षेत्रीय लेखपाल मदनमोहन ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। उपजिलाधिकारी मंशाराम वर्मा ने बताया कि लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर सभी पीड़ितों को दैवी आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। वहीं जो लोग मकान के लिए पात्रता श्रेणी में आते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाया जाएगा।