समाजवादी पेंशन योजना में अपात्रों को शामिल करने और
पात्रों को सरकारी मदद से वंचित करने का मामला विकास कार्यों की हकीकत
देखने आए सचिव पीडब्ल्यूडी डॉ. हरिओम के सामने उठाया गया।
आरोप
लगाया कि घूस देने वालों को पेंशन मिलने लगी है, जबकि गरीब दर-दर की ठोकरें
खा रहे हैं। सचिव ने डीएम को जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई कराने की
जिम्मेदारी सौंपी है। देर शाम ग्राम विकास अधिकारी राजकमल कटियार को
निलंबित करने और रोजगार सेवक शिवराज को हटाने की कार्रवाई की गई है।
सचिव
का काफिला गुरुवार की दोपहर लोहिया गांव वनपुरा नरायनपुर में पहुंचा।
प्राइमरी स्कूल में चौपाल लगाकर सचिव ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
पूछा
कि शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं? सीडीओ उदयराज यादव ने गांव
में मिलने वाली सुविधाओं और कराए गए विकास कार्यों को पढ़कर सुनाया। इसी
बीच ग्रामीण नन्हे लाल, बालक, सुनील, गुलाब, हरीराम, शिवनाथ, नरेंद्र ने
खड़े होकर समाजवादी पेंशन योजना में धांधली की शिकायत करते हुए कहा कि
रोजगार सेवक शिवराज ने खुलेआम अवैध वसूली की।
जिन लोगों ने सुविधा
शुल्क दिया, उन्हीं का नाम पेंशन लाभार्थियों की सूची में शामिल किया गया।
तमाम अपात्र भी पेंशन का लाभ पा रहे हैं। प्रधान पति इंद्रपाल शर्मा ने
आरोप लगाया कि समाजवादी पेंशन योजना के लाभार्थियों की सूची रोजगार सेवक ने
मनमाने तरीके से भेजी है
सचिव ने भरोसा दिलाया कि यदि अपात्रों को
पेंशन दिलाई जा रही है तो सत्यापन करने वाले कर्मचारी से लेकर अफसर तक
दंडित होंगे। डीएम अनुज कुमार झा ने रोजगार सेवक पर कार्रवाई न करने पर
परियोजना निदेशक को फटकार लगाई। कहा कि पिछली बार जब आरोप लगा था तो जांच
क्यों नहीं कराई।
उन्होंने सीडीओ से कहा कि तत्काल जांच शुरू
कराएं। यदि रोजगार सेवक दोषी है तो उसे पद से हटा दें। सचिव ने गांव के
अंदर सीसी रोड को खुदवाकर चेक कराया। प्राइमरी स्कूल के कक्षों का निरीक्षण
किया।