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बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा

Wed, 16 Nov 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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स्टेशन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोट बंदी का असर बाजारों के साथ ही रोडवेज बसों और ट्रेनों में भी देखा जा सकता है। रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने वालों में कमी देखी जा रही है। वहीं रोडवेज बस स्टैंड और बसों में सन्नाटा छाया रहता है। रोडवेज बसें सवारियाें का इंतजार कर रही हैं। कानपुर बस ले जा रहे चालक धर्मेंद्र ने बताया कि एक हजार और पांच सौ के नोट बंदी से पहले वह बस स्टैंड के अंदर बस लगा नहीं पाते थे, उससे पहले ही दर्जनों सवारी बस को घेर लेती थी। अब आधी सीटों को भी भरना मुश्किल हो रहा है।
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परिचालक रामप्रकाश का कहना है कि बड़े नोटों के बंद होने से और लोगाें के पास छुट्टे न होने से असर पड़ रहा है। बताया कि वह सवारी को फ्र्री यात्रा तो करा नहीं सकते और छुट्टे न होने की वजह से उन्हें मजबूरन उतारना पड़ता है।

 नोट बंदी का असर रेलवे स्टेशन की खिड़की पर ही दिख रहा है। इसका असर रेल की बोगियाें में बिल्कुल भी नहीं दिख रहा है। ये कहना है एक दैनिक यात्री राकेश कुमार वर्मा का। वह बताते हैं कि व कई वर्षों से कानपुर से कन्नौज अप-डाउन कर रहे हैं। बस में तो कंडक्टर सवारी को तुरंत उतार देता है। यहां पैसे छुट्टे न होने के चलते यदि यात्री को टिकट नहीं मिल पाती तो वह बगैर टिकट ही सवार हो जा रहा है।
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कई बार टीईटी पकड़ भी लेते तो वह चालान बनवा लेते हैं तो कई बच भी जाते हैं। कुछ बगैर टिकट यात्रा कर कानपुर से वापस कन्नौज लौटे यात्रियों ने बताया कि कानपुर में उन्होंने टिकट लेने की कोशिश की लेकिन फुटकर पैसे न होने के चलते उन्हें टिकट नहीं मिल पाई। बताया कि ऐसे में वह बगैर टिकट के ही बैठ गए। ये सोचकर की घर पहुंचना भी तो जरूरी है अगर कहीं रास्ते में पकड़ा जाता हूं तो चालान बनवा लूंगा।
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