नगर के सौरिख रोड पर कालिका देवी मंदिर के सामने
स्थित बटेश्वर दयाल महाविद्यालय के मैदान में चल रही श्रीराम कथा महोत्सव
के छठवें दिन सोमवार को राम वनवास और केवट संवाद की कथा सुनकर श्रोता
भावविभोर हो गए।
कथा के दौरान वनवास को जा रहे राम लक्ष्मण सीता पर
महिलाओं ने पुष्प वर्षा की। श्रीराम भए बनवासी, अवध में छाई उदासी, राम बन
में जाएंगे तो हम भी संग में जाएंगे, चंदा छिप जा रे बादल में मेरो राम गयो
बनवास और केवट प्रसंग लीला में मेरी नौका में लक्ष्मण, राम, गंगा मइया
धीरे बहो आदि भजनों ने पूरा माहौल भक्तिमय कर दिया।
इस अवसर पर प्रवचन करते
हुए ऋषिकेश के बाल संत भोले बाबा ने कहा कि भगवान की प्राप्ति का सबसे
सुगम साधन भक्ति है। इससे भगवान भक्त के वश में हो जाते हैं। उन्होंने
कहा कि भ्रूण हत्या, गर्भपात, महापाप है, जघन्य अपराध है और इसका कोई
प्रायश्चित नहीं हैं, लिहाजा इस पाप से बचें।
कहा कि गौ माता में 33 करोड़
देवी देवता निवास करते हैं। गौ सेवा से सभी देवी देवताओं की पूजा हो जाती
है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। राम वनवास की कथा में उन्होंने कहा कि राम
ने पिता के वचन का निर्वाह कर संदेश दिया कि जो पुत्र अपने माता-पिता की
आज्ञा का पालन करता है, वह धन्य है।
केवट ने राम जी को प्रेम के वश में कर
अपना व अपने परिवार का कल्याण किया और राम का चरणामृत पान कर अपने सारे कुल
का उद्धार कर लिया।