कन्नौज शहर का कपड़े का बाजार।
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एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद भी दुकानदारों और खरीदारों में भय है। खरीदार को जीएसटी लगने वाली सभी वस्तुओं की जानकारी नहीं है तो वहीं दुकानदार बिल किस मद में दे यह भी पता नहीं है। जिसके चलते दूसरे दिन भी बाजार का मिजाज उखड़ा सा नजर आया।
शहर के कपड़ा बाजार में आम दिनों की तुलना में आधी भीड़ भी नहीं दिखी। दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते देखे गए। दुकानदारों का कहना है कि वह ग्राहकों से किस स्लैब पर कितना जीएसटी ले उन्हें भी नहीं पता है। ऑनलाइन अथवा पंजीकृत दुकानदारों के पास भी जानकारी नहीं है। ऐसे में सामान बेचना मुश्किल हो रहा है। ठगे जाने से डर से ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है। बाजार में कुछ दिन और गिरावट रहेगी। इसके बाद ही बाजार में सुधार हो सकेगा।
शहर में बड़े बाजार न होने के कारण दूसरे दिन भी पुराने ढर्रे पर माल की बिक्री होती रही। इसी प्रकार जूता बाजार में भी सन्नाटा छाया रहा। प्रवीन शू स्टोर के मालिक प्रवीन कहते हैं कि जूतों के टैक्स स्लैब को लेकर लोग परेशान हैं। दो दिन में लेदर का एक भी जूता नहीं बिका है। लोग लोकल ही खरीद रहे हैं। उनके पास भी कोई गाइड लाइन नहीं है।
वाणिज्यकर विभाग कर रहा जागरूक
कन्नौज। व्यापारियों की शंकाओं के समधान के लिए वाणिज्य कर विभाग लगा हुआ है। रविवार को भी वाणिज्य कर विभाग में अधिकारी जीएसटी को लेकर काम करते दिखाई दिए। अधिकारियों ने बताया कि वह लगातार व्यापारियों को जागरूक किया जा रहा है। व्यापारियों में कर को लेकर फैल रही भ्रांतियां अधिकारी दूर करने में लगे हुए हैं। असिस्टेंट कमिश्नर पंकज लाल कहते हैं कि जीएसटी के डरने की जरूरत नहीं है। इसे ठीक ढंग से समझ ले यह आसान कर है।