जलालाबाद। जिला जेल से 14 दिन पहले भागा शातिर बंदी डिंपी उर्फ शिवा को में गिरफ्तारी के बाद जेल में तन्हाई बैरक में रखा गया जहां वह सहमा हुआ था और रात भर सो नहीं सका। उसकी गिरफ्तारी के बाद जेल में हलचल देखी गई।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शिवा से पूछताछ की और कोर्ट में पेश किया था। सोमवार शाम करीब छह बजे जेल पहुंचने के बाद शिवा से फिर पूछताछ की गई। जेल सूत्रों के अनुसार इस दौरान तत्कालीन जेल अधीक्षक भीमसेन मुकंद भी जेल में पहुंचे और अपने कार्यालय में बंदी शिवा से करीब आधा घंटा पूछताछ की।
यह मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है क्योंकि कैदियों के भागने के मामले में जेल अधीक्षक भीमसेन मुकंद और कई बंदी रक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। भीमसेन मुकंद को कन्नौज जेल से हटाकर जेल मुख्यालय लखनऊ संबद्ध कर दिया था।
इसके बाद भी जेल के अंदर बंदी से पूछताछ करना नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि कार्यालय में अकेले बंदी से पूछताछ करने से जांच के दायरे में आने वाले अन्य कर्मचारियों में भय का माहौल है। उन्हें आशंका है कि कहीं भीमसेन मुकंद उनका नाम जांच में न जोड़ दें।
जब भीमसेन मुकंद के बंदी से पूछताछ के मामले में जेलर अवनीश सिंह से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बाद में बात करने की बात कहकर टाल दिया।