सिद्धपीठ मां फूलमती मंदिर में सोमवार को भक्तों की
भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान सतचंडी महायज्ञ में आहुतियां डाली गई। वहीं
भक्तों ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान किया। बाद में भंडारे में प्रसाद
ग्रहण किया। उधर, बाबा कालेश्वरनाथ मंदिर में सात दिवसीय रुद्र महायज्ञ व
शिव पुराण कथा के साथ भंडारे का आयोजन किया गया।
मां फूलमती देवी मंदिर
में चल रही श्रीमद्भागवत कथा व सतचंडी महायज्ञ में सोमवार को भारी भीड़
उमड़ी। भक्तों को व्यवस्थित बैठाने को पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई
पुरुष भक्तों को पंडाल के दूसरे साइड में बैठाना पड़ा। मंदिर के चारों ओर
भक्तों की भारी भीड़ लगने से आवागमन भी पूरी तरह बाधित रहा।
भक्तों को मां
के दर्शन को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। व्यास गोपालकृष्ण ने संगीतमय
कथा से भक्तों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। वहीं सतचंडी महायज्ञ कुंड
की परिक्रमा करने वालों की कतार लगी रही। व्यवस्था को संभालने को पुलिस को
फूलमती मंदिर रोड से वाहन गुजरने पर प्रतिबंध लगाना पड़ा।
कथा के समापन पर
प्रसाद के रूप में हलुआ, पूड़ी व सब्जी के पैकेट हर भक्त वितरण किए गए। नवयुवकों
द्वारा भंडारे में विशेष सहयोग किया गया। भक्तों ने पहले से ही पैकेट
तैयार किए थे। जिनका भक्तों के बीच वितरण किया गया। उधर, सामाजिक
सांस्कृतिक साहित्यिक संस्था कान्य कुब्ज साथी के तत्वाधान में बाबा
कालेश्वरनाथ मंदिर में सात दिवसीय रुद्र महायज्ञ व शिवपुराण कथा का आयोजन
हुआ।
शिवपुराण वक्ता ओमजी महाराज ने शिव महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी
आराधना की बात कही। उन्होंने कहा कि शिव की कृपा से वरदान मिलता है और उनका
दुरुपयोग करने पर वह ही श्राप देते हैं। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक डा.
जीवन शुक्ल, बाबू केशवदास टंडन, डा. धीरेंद्र दुबे, अविनाश दुबे, मनोज
कुमार शुक्ला ने मंदिर की व्यवस्था एवं मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डाला।
इस
मौके पर आचार्य प्रकाशचंद्र मिश्रा, प्रताप नारायन मिश्रा, ललित मिश्रा,
अंकित पांडेय, केशव दुबे, मुकेश पाठक, कमलाशंकर दुबे, गोपी श्याम शुक्ल,
रवि शुक्ल आदि मौजूद थे।