कन्नौज। शहर में जीटी रोड पर अंधा मोड़ से स्टेट बैंक तक जाम नासूर बन गया है। पहले जाम सुबह और शाम को ज्यादा लगता था। अब दिन में किसी भी समय लग जाता है। बस स्टैंड के सामने नीम के पेड़ के नीचे यातायात पुलिस के छह से सात जवान हर वक्त रहते हैं। इसके बाद भी नतीजा सिफर है। ऑटो, निजी बसाें और रोडवेज बस के चालक-परिचालक इन्हें तवज्जो नहीं देते हैं। इनके सामने ही सड़क पर वाहन खड़े कर सवारी बैठाई जाती हैं।
जीटी रोड के इस जाम का दायरा करीब एक किलोमीटर है। इनमें भी ज्यादा जाम आधा किमी दायरे में लगता है। यह बस स्टैंड के आसपास का है। जीटी रोड सिंगल लायक है। आवाजाही दोनों होती हैं। फुटपाथ पर ऑटो और डग्गामार वाहनों का कब्जा रहता है। अगर दो बड़े वाहन एक साथ निकलते हैं तो दो पहिया वालों की मुसीबत हो जाती है। इन्हें या तो रुकना पड़ता या सड़क से उतरना मजबूरी हो जाती है। ऑटो चालकों की धमाचौकड़ी पूरे दिन चलती है। वह कब वाहन रोक देंगे, कहां सवारी भरने लगेंगे, इसका कोई भरोसा नहीं होता। चलते-चलते वाहन को बीच सड़क पर पूरा मोड़ देना भी इनके लिए आम है। इनकी इस हरकत के चलते कई बार लोग चुटहिल हो जाते हैं। किसी के विरोध पर पिटने के सिवा दूसरा चारा नहीं रहता।
इलाकाई मनीष कुमार ने बताया कि ऑटो चालकों के साथ लचर रवैया से डग्गामार बसें भी सड़क पर सवारियां भरने लगी हैं। रोडवेज बस के कई चालक भी स्टैंड की बजाय बाहर जीटी रोड पर सवारियां बैठाते और उतारते हैं। इससे भी जाम लग जाता।
700 से ज्यादा ऑटो का स्टैंड बना सरायमीरा
रोडवेज बस स्टैंड के निकट ज्यादातर ऑटो के स्टैंड हैं। इनमें सरायमीरा-कन्नौज के करीब 200 ऑटो, सरायमीरा-गुरसहायगंज के 300 ऑटो, सरायमीरा से अरौल कानपुर नगर जाने वाले 180 ऑटो, सरायमीरा से कन्नौज जाने वाले 20 से 30 ऑटो यहीं खड़े होकर यात्री बैठाते हैं। चार से पांच ऑटो सड़क पर खड़े होकर सवारियां बैठाते और उतारते हैं।
पुलिस और होमगार्ड की लगती है ड्यूटी
सरायमीरा में जीटी रोड पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए आठ पुलिस और होमगार्ड जवानों की नियमित ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बाद भी जाम से निजात नहीं मिल रही। यह जवान बैठे-बैठे बतियाते रहते हैं। अधिकारी के वाहन का सायरन बजने पर ही हरकत में आते हैं।
यातायात पुलिस नहीं करती वाहनों के चालान
सरायमीरा में यातायात प्रभारी से लेकर इसी महकमे के दो सिपाही लगाए जाते हैं। यह मौके पर मौजूद रहते हैं। इसके बाद भी जीटी रोड पर यात्रियों को बैठाने वाले वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। इससे डग्गामार वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं।