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Kannauj News: भीषण गर्मी और लू जारी, पारा पहुंचा 44.2 डिग्री सेल्सियस

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कन्नौज। इत्रनगरी में एक सप्ताह से भीषण गर्मी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अप्रैल में ही सूरज के तीखे तेवर लोगों को झुलसा रहे हैं। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दोपहर होते-होते आसमान से आग बरसने लगती है, जिससे बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। लगातार चल रही लू और तेज धूप ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह 10 बजे के बाद से ही गर्म हवाओं का असर बढ़ने लगता है। शहर के व्यस्ततम इलाके जैसे सरायमीरा और मुख्य चौक बाजार दोपहर में वीरान नजर आने लगे हैं। न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में मौसम में बदलाव और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई है।
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10 से 15 गिलास पानी पिएं

गर्मी के मौसम में सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि दिनभर में 10 से 15 गिलास पानी पिएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे तरल पदार्थ पीते रहें। प्यास लगने का इंतजार किए बिना थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। खीरा, ककड़ी, तरबूज जैसे मौसमी फल खाएं। दोपहर में धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो चेहरा ढककर और धूप का चश्मा लगाकर निकलें, साथ ही सन स्क्रीन का प्रयोग करें।
व्यापार और पशु-पक्षियों पर असर
भीषण गर्मी का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी दिख रहा है। ग्राहकों ने दोपहर में घरों से निकलना बंद कर दिया है, जिससे दुकानदारों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। हालांकि, शीतल पेय, गन्ने का जूस और मिट्टी के घड़ों की मांग में तेजी आई है। गर्मी का प्रकोप केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बेजुबान पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। ग्रामीण इलाकों में जलस्तर गिरने से मवेशियों के लिए चारे और पानी का संकट खड़ा हो गया है।
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कैसे करें बचाव

- हल्के और पसीना शोषित करने वाले कॉटन के कपड़े पहनें।
- धूप का चश्मा, छाता, टॉपी लगाकर बाहर निकलें।
- अगर खुले में काम करते हैं तो सिर, चेहरा, हाथ को गीले कपड़े से ढकें।
- ओआरएस घोल घर में जरूर रखें।
- बीमारी का अनुभव करते हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

वर्जन
28 से 30 अप्रैल के बीच मौसम का मिजाज बदल सकता है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव लोगों को मौजूदा भीषण गर्मी से बड़ी राहत देगा।
- डॉ. अमरेंद्र कुमार, मौसम वैज्ञानिक

बढ़ती गर्मी में ओआरएस का घोल है वरदान

फोटो:07: जानकारी देते डॉ. कुमारिल मैत्रेय। संवाद



तालग्राम। सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने बताया कि अचानक बढ़ती गर्मी के प्रकोप को बच्चे झेल नहीं पाते हैं, इसलिए ऐसे मौसम में उनकी तबीयत बहुत खराब होती है। ओपीडी में आजकल निरंतर बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। बच्चों में तेज बुखार,पेट दर्द, उल्टी, दस्त, निर्जलीकरण आदि की समस्या बढ़ गई है। नवजात एवं छह महीने से कम के शिशुओं को माताएं सिर्फ स्तनपान कराती रहें। यह सुनिश्चित करें कि हर दो घंटे पर शिशु को स्तनपान कराएं। बड़े बच्चों को तरल पेय, नारियल पानी, मट्ठा-छांछ, शिकंजी, जूस आदि निरंतर अवधि पर पिलाते रहें। बच्चों को खाने के लिए ताजा एवं हल्का सुपाच्य भोजन ही दें। बच्चों को मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा आदि खिलाएं। अभिभावकों को ओआरएस के घोल को सही तरीके से बनाना एवं समुचित मात्रा में देना अवश्य आना चाहिए।
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