पंचायत चुनावों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होने
के बाद मतगणना की तैयारी में जिला प्रशासन जुट गया है। मतगणना 13 दिसंबर को
सुबह सात बजे से शुरू हो जाएगी। मतगणना केंद्र ब्लाकवार निर्धारित कर दिए
गए हैं।
डीएम अनुज झा ने बताया कि नवीन मंडी स्थल कन्नौज में विकास खंड
गुगरापुर व जलालाबाद, बीडी तिवारी इंटर कालेज में जलालाबाद, स्वामी
एकरसानंद इंटरकालेज तेराजाकेट में तालग्राम, मंडी समिति छिबरामऊ में
छिबरामऊ, ऋषि भूमि इंटरकालेज में सौरिख, डीएन इंटर कालेज में तिर्वा व
महात्मा गांधी इंटर कालेज मढ़पुरा में हसेरन विकास खंड की मतगणना होगी।
निर्देश दिए कि मतगणना स्थल पर लाई गई मतपेटिकाओं की सील आदि की जांच की
जाए। उम्मीदवार, उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं या गणना अभिकर्ताओं को
मतपेटिकाओं का निरीक्षण कराया जाए, ताकि वे मतपेटिकाओं और उनकी मोहरों के
ठीक होने के बारे में संतुष्ट हो जाएं। मतगणना न्याय पंचायतवार और ग्राम
पंचायत वार प्रारंभ की जाएगी।
हर मतगणना कक्ष में (वन प्लस टू) टेबल का
एक सेट लगाया जाएगा। इसमें एक टेबल पर प्रधान तथा शेष टेबल पर ग्राम सभा
सदस्य पद के उम्मीदवारों को मिले वोटों की गिनती शुरू होगी। एक मतगणना टेबल
पर (वन प्लस फोर) मतगणना कार्मिकों की तैनाती होगी, जिसमें एक गणना
सुपरवाइजर और तीन गणना सहायक एवं एक अतिरिक्त गणना सहायक (चतुर्थ श्रेणी)
शामिल होंगे।
बताया कि हर मतगणना कक्ष में एक सहायक रिटर्निंग आफीसर (एआरओ)
की टेबल रहेगी। ग्राम पंचायतवार एवं बूथवार मतगणना शुरू होगी। एक ग्राम
पंचायत की क्रमश: बूथवार मतपेटिकाओं को निकाला जाएगा। एक बूथ की मतगणना के
बाद उसी ग्राम पंचायत की दूसरे, तीसरे बूथ की गणना की जाएगी।
एक बूथ की
समस्त मतपेटिकाओं को एक साथ ही खोला जाएगा। मतपत्रों को पदवार छांट लिया
जाएगा। 50-50 मतपत्रों की गड्डी बनाकर रखा जाएगा। मतपत्रों की लेखा से
मिलान भी किया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य एवं प्रधान पद के मतों की गिनती
एक साथ शुरू की जाएगी। कोई मतपत्र निर्धारित मतपेटी से भिन्न पाने पर उसे
अवैध नहीं माना जाएगा।
उसकी गणना संबंधित पद के लिए की जाएगी। ग्राम सभा
सदस्य का परिणाम सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) घोषित करेंगे, जबकि प्रधान
पद के नतीजे की घोषणा संबंधित निर्वाचन अधिकारी (आरओ) घोषित करेंगे। मतगणना
समाप्ति के बाद उसी दिन रिटर्निंग आफीसर सभी मतपत्र व संबंधित प्रपत्रों
को सील बंद कर जिला मजिस्ट्रेट को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में हस्तगत करा
देंगे।
गणना के दौरान मतपत्रों को उनके रंगों के अनुसार अलग-अलग
गड्डियां बनाई जाएंगी। उधर, मतपत्रों को उम्मीदवारों को दिए गए मतपत्र के
अनुसार छांट लिया जाएगा। संदिग्ध मतपत्रों को जो निर्वाचन अधिकारी द्वारा
अस्वीकृत करने वाले हों, उनको अलग बंडल में रखा जाएगा।
हर उम्मीदवार के वैध
मतपत्रों के बंडलों को एक साथ बांध दिया जाएगा और गणना पर्ची लगा दी
जाएगी। इसमें उन बंडलों की संख्या, कुल मतपत्रों की संख्या, उम्मीदवार का
नाम लिखा जाएगा। संदिग्ध मतपत्रों का बंडल अलग से बनाया जाएगा। इस पर भी
पर्ची लगाई जाएगी और उस पर्ची पर संदिग्ध शब्द लिखकर मतपत्रों की कुल
संख्या लिखी जाएगी।
मतपत्रों की गणना के बाद ग्राम पंचायत के सदस्यों व
प्रधानों के मतों का विवरण निर्धारित प्रपत्र पर अंकित किया जाएगा। निर्वाचन
अधिकारी वैध और संदिग्ध मतपत्रों की जांच करेंगे एवं अंतिम आदेश पारित
करेंगे। यदि कहीं जरूरी हुआ तो आरओ ही गणना पर्ची में संशोधन करेंगे। इस
बाबत उन्हें एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखनी पड़ेगी।
यदि किसी उम्मीदवार के
प्रतीक चिन्ह के सामने एक से ज्यादा बार मोहर लगी हो तो भी वह मतपत्र वैध
होगा। यदि मूल निशान की मोहर वास्तव में एक उम्मीदवार के कालम में लगी है,
पर मतपत्र को किसी प्रकार मोड़ते समय उसकी अन्य किसी उम्मीदवार के कालम में
छाया आ जाती है, तो ऐसा मत मूल निशान के उम्मीदवार के पक्ष में ही दिया
गया माना जाएगा।