तालग्राम (कन्नौज)। गोरखपुर से दिल्ली की राह पर सात जिलों की पुलिस को चकमा देकर फर्राटे भर रही गोल्डन कार चालक की किस्मत कन्नौज में दगा दे गई। सकरावा थानाध्यक्ष भागमल सिंह की सरकारी जीप से हुई मामूली टक्कर ने 16 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का खुलासा कर दिया। सोने की 10 चमचमाती ईंटों के बारे में पता लगाने में कस्टम विभाग के अधिकारी जुटे हैं।
सकरावा थाना प्रभारी भागमल सिंह रात दो बजे हमराह सिपाहियों योगेंद्र कुमार, मोहन दिवाकर और महिला सिपाही रितु चाहर के साथ कन्नौज में कांवड़ यात्रा की ड्यूटी से लौट रहे थे। गाड़ी सिपाही लोकेंद्र सिंह चला रहे थे। एक्सप्रेसवे पर निकवा गांव के पास ब्रेजा कार की टक्कर से यह राज खुला। तस्करों का प्लान बिल्कुल सटीक था। कार गोरखपुर से निकली और संतकबीरनगर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर जैसे छह बड़े जिलों को लांघती हुई कन्नौज सीमा में दाखिल हो चुकी थी।
कार में मिला मेड इन नेपाल एनर्जी ड्रिंक
सफर लंबा था और तस्कर पूरी तैयारी में थे। कार की तलाशी के दौरान सोने की ईंटों के साथ मेड इन नेपाल लिखे एनर्जी ड्रिंक के दो कैन भी मिले हैं। माना जा रहा है कि ढाबे पर रुकने से बचने के लिए यह एनर्जी ड्रिंक रखे थे। कस्टम विभाग के अधीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी, मदन गोपाल शुक्ला, अशोक कुमार निरीक्षक सचिन द्विवेदी की जांच पड़ताल की। वहीं, सीओ सिटी शिल्पा वर्मा ने बताया कि सोना कहां से लाया गया था और दिल्ली में किसे सप्लाई किया जाना था, इसकी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है। मामले को कस्टम विभाग के सुपुर्द किया गया है।