ट्रकों में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर माल लोड कर बेच
देने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह के दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गुरुवार को एसपी कलानिधि नैथानी ने पुलिस कार्यालय में मामले का खुलासा
किया। साथ ही गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 11 हजार रुपये का पुरस्कार
देने की घोषणा की।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक नौ मार्च 2014 को
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के खरदैया गांव के पास पीपी एग्रो इंडस्ट्रीज (मैदा
मिल) से 320 बोरी मैदा और 50 बोरी सूजी लादकर ट्रक झींझक को रवाना किया
था। चालक और क्लीनर ने फर्जी नंबर प्लेट और ट्रक के फर्जी कागजात लगाकर
बिल्टी बनवाया था।
फैक्ट्री प्रबंधक कृष्ण कुमार गुप्ता ने जब
झींझक में फोन लगाकर ट्रक पहुंचने की जानकारी ली तो पता चला कि ट्रक नहीं
पहुंचा। इतना ही नहीं चालक का मोबाइल नंबर भी बंद था। इस पर प्रबंधक ने 17
मार्च को तिर्वा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी ने बताया
कि सर्विलांस और स्वाट टीम को मामले के खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी थी।
तफ्तीश के बाद पुलिस ने चालक अवधेश पुत्र राजपाल और ट्रक मालिक पंकज शाक्य
पुत्र रामदत्त शाक्य निवासी रतनपुर किरकिच जनपद मैनपुरी को बेहरिन गांव के
पास से तमंचा समेत गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध कबूल कर
लिया।
पूछताछ में अवधेश ने बताया कि 45 हजार रुपये महीना पर उसने
पंकज शाक्य से ट्रक किराए पर लिया था। एक युवक फर्जी तरीके से कागजात, नंबर
प्लेट और बिल्टी तैयार करता है।
उसी के जरिये जाली अभिलेख लिए
जाते हैं। कुछ महीने पहले एक बार इसी फैक्ट्री से मैदा और सूजी लादकर झींझक
में संबंधित पते पर पहुंचा चुका था, जिससे प्रबंधक का उस पर विश्वास हो
गया। दोबारा इसी का फायदा उठा ट्रक का नंबर बदलकर जाली कागजातों के सहारे
माल लदवाया और गायब हो गया।
मैदा व सूजी को उन लोगों ने भोगांव में
अलग-अलग दुकानों पर बेंची। 1100 रुपये वाली बोरी को 800 रुपये के हिसाब से
फुटकर में बेंच दिया। पुलिस बिल्टी पर मिले हस्ताक्षर के आधार पर
अभियुक्तों तक पहुंची।
खुलासा करने वाली टीम में सर्विलांस टीम
प्रभारी मो. तारिक खां, तिर्वा कोतवाली प्रभारी आरपी पांडेय, उप निरीक्षक
कालीकृष्ण, सिपाही सुखवीर सिंह, करन सिंह, कुलदीप सिंह, दुष्यंत यादव, मदन
सिंह, शमशुद्दीन, हरिओम शुक्ला, सुनील यादव, प्रवीण, सुधीर शामिल हैं।