उत्तर प्रदेश सरकार और फेसबुक के संयुक्त तत्वावधान
में राजकीय मेडिकल कालेज के आडीटोरियम में आयोजित बूस्ट योर बिजनेस
इनेसिएटिव कार्यक्रम में 300 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग से जुड़े
व्यापारियों को फेसबुक के जरिए व्यापार बढ़ाने की जानकारी दी गई।
वेब पेज
बनाकर तैयार माल की खूबियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का गुरुमंत्र
दिया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में कन्नौज, कानपुर, इलाहाबाद,
वाराणसी व लखनऊ शहर का चयन किया गया है। फेसबुक के ग्लोबल इंडिया
इकनामिक्स स्टेट हेड रीतेश मेहता ने व्यापारियों को बताया कि 30 करोड़ लोग
मौजूदा समय में इंटरनेट का उपयोग करते हैं। इनमें 14 करोड़ लोग फेसबुक यूज
करते हैैं। इसमें सात करोड़ लोग रोजाना फेसबुक खोलते हैं।
साढे़ छह करोड़
लोग तो स्मार्ट मोबाइल फोन पर फेसबुक यूज करते हैं। दिन में 14 बार लोग
फेसबुक में न्यूज फीड देखते हैं। बताया कि फेसबुक यूज करने वाला हर व्यक्ति
मार्केट में आने वाले नए उत्पाद को देख व खरीद सकता है। फेसबुक से गांव
में रहने वाला छोटा उद्यमी अपना कारोबार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बढ़ा सकता
है।
उन्होंने हैदराबाद की तीन महिलाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि फूलों
के गहने बनाने का काम शुरू किया। कुछ समय पहले फेसबुक पर वेब पेज बनाने के
बाद फोटोग्राफ्स व जानकारियां डालीं। वेब पेज की मदद से आज उनका कारोबार
36 स्थानों पर चल रहा है। दो शाखाएं तो विदेश में खुल चुकी हैं।
300
महिलाएं इस काम से जुड़ चुकी हैं। सांसद डिंपल ने कहा कि प्रिंट व
इलेक्ट्रानिक मीडिया की भूमिका के साथ ही सोशल मीडिया का भी जोर है।
मार्केटिंग के क्षेत्र में भी सोशल मीडिया अहम भूमिका निभा रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा कि
फेसबुक का उद्योग क्षेत्र में इस्तेमाल बढ़ने से प्रदेश उत्तम प्रदेश
बनेगा।
दुनिया में ऐसे बहुत कम उद्यमी हैं जिनके पास फेसबुक के अधिकारी खुद
जागरूक करने गए। यह यूपी के मुख्यमंत्री का ही प्रयास है कि सबको आगे
बढ़ने व उद्योग को आगे बढ़ाने का मौका मिला है। कमिश्नर इफ्तखारुद्दीन
ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए यूपीएफसी
के जरिये बैंक से लोन लेकर अपना रोजगार शुरू करने वाले व्यापारियों को
ब्याज के ऋण में अनुदान देने की व्यवस्था पुन: शुरू कर दी है।
अब कोई भी
व्यापारी एक साल में 50 लाख रुपये कर्ज के ब्याज अनुदान के रूप में शासन से
लाभ पा सकता है। बताया कि प्रदेश सरकार ने 1980 में स्थापित की गईं 11 बंद
पड़ीं कताई मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी कर ली है। इनके लिए टेंडर
जारी कर दिए गए हैं। फेसबुक के जरिए की गई इस पहल को क्रियान्वित करने में
प्रशासन पूरा सहयोग देगा।