मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के फरमान के बाद अफसर सक्रिय हो गए हैं। रविवार को सार्वजनिक अवकाश का दिन होने के बाद भी एसडीएम ने लेखपालों की बैठक की और उन्हें शिकायतों के निस्तारण के लिए क्षेत्र में दौड़ा दिया। यही नहीं एसडीएम ने वार रूम में बैठकर शाम पांच बजे तक सभी शिकायतों का निस्तारण कराकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी।
उपजिलाधिकारी रामदास ने रविवार को दोपहर 12 बजे सभी लेखपालों की बैठक बुलाई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री संदर्भ के तीन, जिलाधिकारी संदर्भ के सात, आईजीआरएस का एक और ऑनलाइन दो शिकायतों के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने 6 जून को प्रेमपुर चौपाल में डीएम को मिलीं 11 शिकायतों के निस्तारण के लिए राजस्व निरीक्षक पंकज बाबू व लेखपाल अतुल कुमार को मौके पर भेज दिया। इसके अलावा अन्य सभी लंबित शिकायतों के लिए लेखपालों को क्षेत्र में दौड़ा दिया। एसडीएम फोन से ही लेखपालों की लोकेशन लेते रहे और शिकायतों के निस्तारण के बारे में जानकारी करते रहे।
वहीं जो मामले चकबंदी विभाग से संबंधित थे उसके लिए सहायक चकबंदी अधिकारी भरप्रसाद को लेखपालों के साथ लगाया गया था। शाम पांच बजे सभी लंबित शिकायतों की निस्तारण आख्या फरियादियों से फोन पर बात करने के बाद एसडीएम ने उच्चाधिकारियों को भेज दी।
एसडीएम रामदास ने बताया कि अब तहसील में कोई भी शिकायत लंबित नहीं होगी। जैसे ही शिकायत मिलेगी, मौके पर संबंधित कर्मचारी को भेजकर उसका तत्काल निस्तारण करवाया जाएगा। इस दौरान तहसीलदार धीरज कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल विमल किशोर मिश्रा, अनिल प्रकाश यादव, धर्मेंद्र कुमार पाल, अमर सिंह, रामेंद्र पाल, अमन कुमार सहित सभी कर्मचारी मौजूद थे।