छिबरामऊ। पूर्वी बाईपास पर शनिवार को 33 केवी विद्युत लाइन शिफ्टिंग और पोल लगाने को लेकर विद्युत निगम और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बीच विवाद की स्थिति बन गई। एनएचएआई के विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन के समझाने पर काम पूरा कराया गया। हालांकि, लाइन में अन्य जगह फाल्ट होने के कारण सौरिख क्षेत्र में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
पूर्वी बाईपास पर विकास खंड मुख्यालय के सामने सौरिख बिजली घर जाने वाली भूमिगत 33 हजार वोल्ट की लाइन में शुक्रवार की रात खराबी आ गई थी। आपूर्ति ठप होने से आम जनता की परेशानी को देखते हुए निगम ने भूमिगत लाइन के स्थान पर पोल खड़े कर ओवरहेड लाइन खींचने का काम शुरू किया। काम के दौरान एनएचएआई के पेट्रोलिंग अधिकारी बिजेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्य रुकवा दिया।
पेट्रोलिंग अधिकारी का कहना था कि विद्युत निगम को उनकी अधिकृत भूमि में बिना लिखित अनुमति के पोल लगा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में पूर्वी बाईपास पर बनने वाले जंक्शन निर्माण के दौरान लाइन शिफ्टिंग के नाम पर निगम बजट की मांग करेगा। विवाद बढ़ने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने जनता को हो रही बिजली समस्या का हवाला देकर एनएचएआई कर्मियों को स्थिति से अवगत कराया। विभाग ने स्पष्ट किया कि अंडरग्राउंड केबल आने तक जनता को राहत देने के लिए अस्थायी तौर पर एक-दो माह के लिए ओवरहेड लाइन खींची जा रही है। इसके बाद एनएचएआई के अफसरों की सहमति से करीब 100 मीटर की लाइन को पोल के सहारे ऊपर से जोड़ दिया गया।
लाइन क्लीयर होने के बाद भी एक और फाल्ट
सौरिख एसडीओ अनिल कुमार राम ने बताया कि पूर्वी बाईपास का मुख्य फाल्ट दुरुस्त कर पोल खड़े करा दिए गए हैं लेकिन लाइन में अन्य स्थान पर नया फाल्ट आ जाने के कारण सप्लाई चालू होने में थोड़ा और समय लगेगा। टीम लगातार फाल्ट खोजने और उसे ठीक करने में जुटी है।