मंडी में मक्का की खरीद करते आढ़ती।
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कन्नौज। मक्का के सरकारी खरीद केंद्रों पर इस बार सन्नाटा रहने की उम्मीद है। सरकार ने मक्के का समर्थन मूल्य 1760 रुपये तय किया है। वहीं खुले बाजार में 1950 रुपये क्विंटल के भाव से मक्का की खरीद शुरू हो चुकी है। करीब 200 रुपये क्विंटल का अंतर होने से किसान आढ़तियों से संपर्क साध रहे हैं। त्योहारी सीजन होने के कारण किसान तेजी से मक्का की बिक्री कर रहे हैं। अभी तक आढ़तों पर 2400 क्विंटल मक्का की खरीद हुई है।
सरकार ने पहली बार किसानों की खरीफ की मक्का खरीदने का निर्णय लिया है। 15 अक्तूबर से खरीद केंद्र खुलने हैं। 1760 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया गया है। केंद्रों के देर से खुलने और मंडी में समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम मिलने से किसान आढ़तियों पर भरोसा जता रहे हैं। एक हफ्ते में मक्का की खरीद में तेजी देखने को मिली है। बारिश के मौसम में तैयार हुई मक्का को आढ़ती 1950 रुपये क्विंटल के भाव से खरीद रहे हैं। नवरात्र और अब दीपावली का त्योहार करीब होने से मंडी में मक्का की ब्रिकी बढ़ गई है। आढ़ती रामू गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता, मुदित पटेल, हरीश राठौर ने बताया कि सरकारी खरीद केंद्रों के देर से खुलने और समर्थन मूल्य कम होने से आढ़तों पर किसानों की संख्या बढ़ी है। जायद की मक्का करीब 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदी गई थी। ऐसे में किसान सरकारी केंद्रों पर शायद ही बिक्री करने पहुंचें।
किसान राजकुमार ने बताया कि मंडी में मक्का 1950 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। तब सरकारी खरीद केंद्र पर 1750 रुपये में बिक्री का कोई औचित्य नहीं है। आढ़ती के यहां समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिल रहे हैं। वहीं किसान रोहित कुमार ने बताया कि त्योहार का समय है। पैसों की जरूरत है। सरकारी खरीद केंद्र 15 अक्तूबर से खुलेंगे। यहां दाम भी कम हैं। ऐसे में आढ़तों पर ब्रिकी कर रहे हैं।
मंडी निरीक्षक कृष्ण मुरारी राठौर का कहना है कि अगर समर्थन मूल्य ज्यादा होता तो आढ़तियों के यहां शायद ही किसान जाते। फिलहाल शासन से मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा।