गुगरापुर (कन्नौज)। दिल्ली के सम्राट पृथ्वीराज चौहान व कन्नौज की राजकुमारी संयोगिता के अमर प्रेम की गाथा के प्रतीक ऐतिहासिक संयोगिता मार्ग की सांस्कृतिक विरासत को अब नई पहचान मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने इसे मुख्य जिला मार्ग (एमडीआर) में शामिल किया है। साथ ही इसके चौड़ीकरण को शासन ने भी हरी झंडी दे दी है। संयोगिता मार्ग के लिए 44.5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस माह के अंत तक काम शुरू होने की संभावना है।
संयोगिता मार्ग कन्नौज के राजा जयचंद के किले से शुरू होकर फर्रुखाबाद जिले के सिंघीरामपुर तक गंगा के किनारे जाता है। बताया जाता था कि इसी मार्ग से दिल्ली के सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकुमारी संयोगिता को लेकर गए थे। पहले यह कच्चा मार्ग था जिसे बाद में सड़क रूप में परिवर्तित कर दिया गया। अभी इसकी चौड़ाई कम है। 3.70 तो कहीं पर 3.73 मीटर चौड़ा है।
लोक निर्माण विभाग ने पिछले माह इसकी कार्ययोजना तैयार कर इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया था। अब इसको मंजूरी दे दी गई है। फर्रुखाबाद के शेरपुर सराय से कुसुमखोर तक 15 किलोमीटर लंबे इस ऐतिहासिक मार्ग को सात मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।
फर्रुखाबाद के लिए होगा वैकल्पिक मार्ग
कन्नौज जिला मुख्यालय से फर्रुखाबाद तक वैसे तो हाईवे बना है, जिसमें गुरसहायगंज तक अलीगढ़-कानपुर हाईवे तो गुरसहायगंज से फतेहगढ़ तक स्टेट हाइवे है। संयोगिता मार्ग के चौड़ीकरण होने से यदि हाईवे पर कोई रुकावट हुई तो संयोगिता मार्ग से रजीपुर तक वाहन से जा सकते हैं। इस तरह यह फर्रुखाबाद तक एक वैकल्पिक मार्ग जाएगा। खास बात यह है कि इस रोड के किनारे फूलों की खेती अधिक होती है, जो पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करेगी।
22 गांवों के 28 हजार ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
ऐतिहासिक संयोगिता मार्ग के चौड़ीकरण से कन्नौज जिले के 22 गांवों के 28 हजार ग्रामीणों को लाभ मिलेगा तो सिंघीरामपुर के रास्ते कन्नौज आने वाले फर्रुखाबाद के लोगों को भी आसानी होगी। इसके अलावा हरदोई जिले से गुरसहायगंज, छिबरामऊ, तालग्राम या सौरिख आने वाले लोगों के लिए भी राह आसान हो जाएगी। चियासर घाट पर गंगा के ऊपर बनने वाला पुल भी इसी मार्ग को जोड़ेगा, जिससे हरदोई की दूरी घट जाएगी।
वर्जन
ऐतिहासिक संयोगिता मार्ग हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। इसको मुख्य जिला मार्ग (एमडीआर) में शामिल कर सात मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इसके लिए 44.5 करोड़ का बजट स्वीकृत किया जाएगा। इस माह के अंत तक काम शुरू हो जाएगा।
-दीपेश अस्थाना, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड)