झील किनारे बकरियां चराती महिला।
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कन्नौज। लाख बहोसी पक्षी विहार में बढ़ी इंसानी हलचल, शोरगुल, मवेशियों का चरना और शिकार विदेशी पक्षियों को रास नहीं आ रहा है। मार्च के अंत तक पक्षी विहार में नजर आने वाले विदेशी परिंदे अभी से अपने देश की ओर लौट चले हैं। अधिकारी भी मान रहे हैं कि झील के किनारे लगे सुरक्षा जालों को तोड़कर ग्रामीण और उनके मवेशियों की पक्षी विहार में घुसपैठ ज्यादा बढ़ गई है।
लाख बहोसी पक्षी विहार में इस साल बड़ी संख्या में सारस, स्पेसी ब्रांज, ब्लैक नेक्ड स्टार्क, डार्टर स्पून, कमोरेंटसस, ईगरेट जैकाना जैसे विदेश पक्षियों का आगमन हुआ। इन पक्षियों ने स्थानीय पक्षियों के साथ कलरव किया। हर साल लाख बहोसी पक्षी विहार में दिसंबर से मार्च तक इन पक्षियों का प्रवास रहता है। इस बार लाख बहोसी पक्षी विहार के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते विदेशी मेहमानों को वह माहौल नहीं मिल सका, जिसकी तलाश में वह हजारों किमी की दूरी तय कर आए थे।
सुबह से शाम तक पक्षी विहार की झील के आसपास ग्रामीणों और उनके मवेशियों की उछलकूद, शोर ने इन पक्षियों को रहने वाला वातावरण नहीं मिलने दिया। एकांत और शांत प्रिय पक्षी सबसे ज्यादा शोरगुल के कारण परेशान रहे। इसके अलावा पक्षी विहार में इन विदेशी पक्षियों का शिकार भी तेजी से हुआ। इससे मार्च के अंत तक रहने वाले विदेशी मेहमान इस बार फरवरी के पहले सप्ताह ही उड़ चले हैं। रेंजर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम के अनुसार विदेशी पक्षी अपने ठिकानों की ओर लौटने लगते हैं। वैसे यह पक्षी हर साल मार्च के अंत तक यहां रहते थे। इस बार अभी से इनका जाना दुखद है। झीलों के किनारे पशु चराने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।