कन्नौज। शहर से सटे गांव के किसानों के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। पहले बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी और अब नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही दिन रात की मेहनत पर पानी से डूबा रही है। ताजा मामला सदर तहसील क्षेत्र के सदिकापुर गांव का है। यहां एक बार फिर गंदे नाले के पानी ने गांव को घेर लिया और 100 बीघे फसल डूब गई है। आलम यह है कि नाले का गंदा पानी सड़कों तक बह रहा है।
शहर के शेखाना मोहल्ला से होकर गुजरा गंदा नाला सदिकापुर गांव के ग्रामीणों के लिए सालों से मुसीबत बना हुआ है। बारिश जब होती है, उसके बाद गांव के हालात बाढ़ जैसे हो जाते हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद फिर से गांव के खेतों में पानी भरा गया, और करीब 100 बीघा मक्का की फसल पर संकट के बादल घिर आए। कई नीचले खेतों में मूंग, उड़द, तरबूज और खरबूज की खड़ी फसल पर जलकुंभी फैल रही है। इससे किसान परेशान हैं। किसानों को यह चिंता सता रही है कि अगर आगे नाले के पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हुई , तो उनके खेत तालाब बन जाएंगे।
तेज बहाव से बाढ़ जैसे हालात
गांव में नाले के पानी का बहाव तेज होने से हालात बाढ़ जैसे नजर आ रहे हैं। सड़कों पर निकलने वाले राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर से खेतों तक जाने के लिए किसान पानी के बीच से होकर गुजर रहे हैं।
पंपसेट से निकाल रहे पानी
नाले के पानी में डूबी मक्के की फसल को बचाने के लिए किसान ट्रैक्टर-चालित पंपसेट की मदद से गंदा पानी निकाल रहे हैं। पानी निकाल रहे सोनू और अर्जुन ने बताया तीन बीघा फसल नाले के पानी से डूब गई है। खेतों से अगर पानी न निकला तो फसल सड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।
फोटो :12: गंगाराम।
खेत की मेड़ तक नहीं दिख रही
सदिकापुर गांव के रहने वाले गंगाराम बताते हैं कि इन दिनों गांव के कुछ हिस्से की सड़कों और खेतों पर पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है। खेत की मेड़ भी नहीं नजर आ रही है। नाले का पानी आने से मक्का की फसल को खासा नुकसान हो रहा है।
फोटो:13:बाबूराम।
फसलें हो रहीं बर्बाद
गांव के ही बाबूराम बताते हैं कि शहर के गंदे नाले का पानी उफन कर खेतों में भर जाने से किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो रही हैं। यह समस्या सालों से चली आ रही है। पानी निकासी का इंतजाम होने के बाद ही राहत मिल सकती है।
फोटो :14: रामपाल।
सरायमीरा तक का आता पानी
गांव में रहने रामपाल बताते हैं कि शेखाना मोहल्ले के नाले में शहर के अलावा सरायमीरा तक पानी आता है, और निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण खेतों में इन दिनों कई फीट तक पानी भर जाने से फसलों के खराब होने की आशंका है।
फोटो :15: रसीद।
नहीं मिला समाधान
गांव के ही रसीद का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई सालों से चली आ रही है। पानी निकासी की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों और पालिका प्रशासन से कर चुके हैं। समाधान नहीं हर बार आश्वासन ही मिला है।
वर्जन
पंपसेट लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की गई है। जहां पंप लगा है, वहां की बिजली की लाइन खराब है। इस बारे में विद्युत निगम के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा गया है। समस्या को लेकर जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है।
-श्यामेंद्र मोहन चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका