मानीमऊ(कन्नौज) उदैतापुर से मोचीपुर तक जाने वाली सड़क चार साल में ही खस्ताहाल हो गई। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। बरसात के दिनों में पानी भरने से सड़क तालाब सी नजर आने लगी है। निकलने वाले राहगीरों को परेशानी होती है। अक्सर बाइक फिसलने की घटनाएं होती हैं, जिसमें लोग चुटहिल होते हैं।
तीन किलोमीटर की इस डामर सड़क का निर्माण चार साल पहले कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा किया गया था। उस वक्त इस सड़क के निर्माण में 80 लाख रुपये लागत आई थी। यह सड़क मानीमऊ, ठठिया मार्ग से मोचीपुर, तेरामल्लू होते हुए अरौल-मकनपुर रोड को जोड़ती है। इस सड़क से क्षेत्र के करीब 12 से अधिक गांव जुड़ते हैं।
सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण न होने से चार साल में ही यह टूट गई। डामर तो बिल्कुल ही गायब हो गया है। इससे यहां से निकलने वाले वाहन सवार काफी परेशान होती हैं। बरसात में अक्सर दोपहिया वाहन फिसलकर गिरते हैं। इस सड़क से मकनपुर, पिहानी, मोचीपुर, तेरामल्लू, खुर्मपुर आदि गांव के लोग जिला अस्पताल के सामने निकलकर शहर को जाते हैं।
रामपुर मुड़ेरी काजिम हुसैन के राजेश कटियार ने बताया सड़क डामर की बनी थी। चार सालों में न तो डामर रहा और न ही गिट्टी। सड़क मिट्टी में तब्दील हो गई है। अफसरों से रोड की मरम्मत कराने के लिए कई बार कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
उदैतापुर के इलियास अली का कहना है कि सर्दियो में जब मकनपुर का मेला लगता है तब लोग ऊंट, घोड़े, पैदल वाहनों से इसी मार्ग का अधिक इस्तेमाल करते हैं। इसी सड़क के माध्यम से मकनपुर जाते हैं। जब से सड़क पर गड्ढे हो गए लोगो ने आना जाना बंद कर दिया। यह रास्ता मकनपुर जाने के लिए सबसे अच्छा है।
उदैतापुर के विशाल दुबे ने बताया चार साल पहले बनी सड़क अब 20 साल पहले जैसी दिखने लगी है। सड़क पर न डामर रहा और न ही गिट्टी। सड़क पर चलने वाले राहगीर गहरे गड्ढों में गिर कर चुटहिल हो जाते है। जनप्रतिनिधियों व अफसरों को इस मार्ग का दोबारा निर्माण करवाना चाहिए।
राजेश कटियार- फोटो : KANNAUJ
इलरेयास अली- फोटो : KANNAUJ
विसाल दुबे- फोटो : KANNAUJ