कन्नौज। सर्दी के प्रकोप से जन जीवन प्रभावित होने लगा है। बुधवार साल का सबसे ठंडा दिन रहा। पारा चार डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे गलन बढ़ गई है। ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे। धूप निकलने के बाद भी गलन का जोर रहा। भोर में कोहरा और शाम को बर्फीली हवाओं से सड़कों पर जल्दी सन्नाटा हो गया।
शीतलहर की वजह से गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। सर्द हवाओं से बचने के लिए लोग अलाव के पास बैठकर आग तापते रहे। कोहरे के साथ आसमान में धुंध रही। दोपहर करीब एक बजे निकली धूप भी लोगों को राहत नहीं पहुंचा सकी। सर्दी से सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। सुबह और शाम बाजारों से लेकर सड़कों पर अन्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा रहा। कई सार्वजनिक स्थानों पर लोग कूड़-करकट जलाकर सर्दी से बचाव का जतन करते दिखाई दिए। मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया कि चार-पांच दिन तक सर्दी रहेगी। बादल छाने और सर्द हवाएं चलने से पारा गिरने का अंदेशा है। वहीं शहर की तिर्वा क्रासिंग, ट्रैफिक पुलिस बूथ चौराहा, सरायमीरा बस अड्डा, मकरंदनगर, ग्वाल मैदान, लाखन तिराहे समेत सभी प्रमुख चौराहाें पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
गेहूं छोड़कर अन्य फसलें होंगी प्रभावित
पारा गिरने से गेहूं छोड़कर अन्य फसलों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी राममिलन परिहार ने बताया कि इसी तरह पारा गिरता रहा तो टमाटर, मटर, बैगन और आलू की फसल में रोग लग जाएगा। पाले के कारण पत्तियां मुरझा जाएंगी। इससे पैदावार घट जाएगी।
बच्चों और बुजुर्गों में कोल्ड डायरिया का खतरा
अचानक गिरे तापमान से बच्चों और बुजुर्गों में कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को जिला अस्पताल में 30 बच्चे और 25 बुजुर्ग सर्दी से दिक्कत के चलते इलाज लेने पहुंचे। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि तापमान में तेजी से बदलाव हो रहा है। इन दिनों शीतलहर के चलते पारा गिरा है। बच्चे और बुजुर्ग आवश्यक होने पर ही घरों से निकलें। गर्म कपड़ों से शरीर के ढके रहें। गुनगुने पानी का सेवन करें। उल्टी, दस्त और बुखार आते ही चिकित्सक से परामर्श लें।
यूं रहा 10 से 13 जनवरी तक तापमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
13 जनवरी 17 7
12 जनवरी 20 8
11 जनवरी 24 10
10 जनवरी 24 12