यूपी बोर्ड की कापियों के मूल्यांकन में इस बार हिंदी विषय की कापियों से रुपये निकल रहे हैं। कापी जांच रहे शिक्षक भी इसे अचंभा मान रहे हैं कि हिंदी से इस बार परीक्षार्थियों को भय लग रहा है। जिले में केकेसीएन इंटर कालेज और केके इंटर कालेज में मूल्यांकन का कम चल रहा है।
यहां दूसरे मंडलों से आईं कापियों के चल रहे मूल्यांकन का कार्य पच्चीस से तीस फीसदी के बीच पहुंच चुका है। जानकारी के मुताबिक यूपी बोर्ड से नियुक्त हुए प्रधान परीक्षक व परीक्षक काफी कम संख्या में केंद्रों पर पहुंचे हैं। वित्तविहीन विद्यालयों के टीचरों को लगाकर किसी तरह मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है। केके इंटर कालेज के केंद्र व्यवस्थापक वीके श्रीवास्तव का कहना है कि बोर्ड से मिले समय में मूल्यांकन कार्य खत्म करा लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केकेसीएन व केके इंटर कालेज में मूल्यांकन कार्य रफ्तार पकड़ने के साथ ही टीमों का गठन करके अंकेक्षण का कार्य भी शुरू करा दिया गया। यदि अंकेक्षण के दौरान छात्रों को दिए गए नंबर अथवा किसी प्रश्न को चेक नहीं किया गया है। ऐसी कोई गलती सामने आती है तो परीक्षक के पारिश्रमिक में कटौती की जाएगी।